रानी लक्ष्मीबाई गर्ल्स हॉस्टल में गरबा उत्सव की धूम
महिला अध्ययन केंद्र के साथ संयुक्त आयोजन में छात्राओं ने गरबा और डांडिया से बांधा समां; कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने किया उत्साहवर्धन
मेरठ । नवरात्रि के पावन अवसर पर रानी लक्ष्मीबाई गर्ल्स हॉस्टल और महिला अध्ययन केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में गरबा उत्सव का आयोजन किया गया। छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में गरबा और डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उत्सव को रंगारंग बना दिया। संगीत और डांडिया की लयबद्ध ताल के बीच पूरे परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, नीलू जैन गुप्ता और प्रो. अलका तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने छात्राओं की प्रस्तुतियों और सहभागिता की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।

संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का संदेश
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने छात्राओं को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के महत्व से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्राओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने के साथ उनके व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने छात्राओं को पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।
छात्रावास को बताया सामूहिक विकास का केंद्र
हॉस्टल की वार्डन प्रो. बिंदू शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि छात्रावास केवल रहने और पढ़ाई करने का स्थान नहीं, बल्कि छात्राओं के व्यक्तित्व निर्माण, आपसी सहयोग और सामूहिक विकास का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। इस तरह के कार्यक्रम छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देते हैं और उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, रचनात्मकता तथा एकजुटता की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों और सहभागी छात्राओं के प्रति आभार जताया।

गरबा उत्सव में छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ पारंपरिक नृत्य में भाग लिया। रंग-बिरंगी पोशाकों, संगीत और डांडिया की ताल ने वातावरण को आनंदमय बना दिया। आयोजन ने छात्राओं को साथ मिलकर उत्सव मनाने और भारतीय लोक-संस्कृति की सुंदरता का अनुभव करने का अवसर दिया।
इस अवसर पर डॉ. दिव्या शर्मा, डॉ. वंदना राना, नेहा शर्मा, अदिति, प्रिया, निशा, ममता, पूनम, रेखा, बबिता और सुनीता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का समापन हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ। रानी लक्ष्मीबाई गर्ल्स हॉस्टल और महिला अध्ययन केंद्र के संयुक्त आयोजन ने भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान, आपसी सद्भाव और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया।