10 लक्षण धर्म के पांचवें दिन भगवान महावीर और भगवान शांतिनाथ की बही शांति धारा
10 लक्षण धर्म के पांचवें दिन भगवान महावीर और भगवान शांतिनाथ की शांति धारा, तत्त्वार्थ सूत्र महामंडल विधान में चढ़ाए गए 42 अर्घ्य
मेरठ। श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर आनंदपुरी, मेरठ में 10 लक्षण धर्म के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म का भव्य एवं धार्मिक आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। दिनभर मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-विधान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। बड़ी संख्या में धर्मावलंबियों ने धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
भगवान महावीर और शांतिनाथ की पांडुक शिला पर स्थापना
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल धार्मिक विधि-विधान के साथ हुआ। इंद्रों द्वारा दो पांडुक शिलाओं पर भगवान महावीर एवं भगवान शांतिनाथ को विराजमान कराया गया। इसके पश्चात भगवान का अभिषेक एवं शांति धारा की धार्मिक क्रियाएं संपन्न हुईं। शांति धारा करने का सौभाग्य चैतन्य जैन, अंशुल जैन, प्रमोद जैन, सचिन जैन, दीपक जैन एवं प्रदीप जैन को प्राप्त हुआ। इस दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
देव शास्त्र गुरु सहित विभिन्न पूजाएं संपन्न
धार्मिक कार्यक्रम के क्रम में श्रद्धालुओं द्वारा देव शास्त्र गुरु, सोलहकारण, पंचमेरू, दसलक्षण धर्म एवं भगवान महावीर की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने धार्मिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा विधान में भाग लिया। मंदिर परिसर में चल रहे तत्त्वार्थ सूत्र महामंडल विधान के अंतर्गत 42 अर्घ्य भी मंडले पर श्रद्धापूर्वक चढ़ाए गए। सभी धार्मिक क्रियाएं विधानाचार्य श्री नंदन शास्त्री, टीकमगढ़ के निर्देशन एवं विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराई गईं।
उत्तम सत्य धर्म पर विधानाचार्य ने किया मार्गदर्शन
सांयकाल मंदिर परिसर में धर्मावलंबियों द्वारा सामूहिक आरती का आयोजन किया गया। इसके बाद विधानाचार्य श्री नंदन शास्त्री ने उत्तम सत्य धर्म के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए श्रद्धालुओं को सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को जीवन में सदैव सत्य का पालन करना चाहिए और असत्य का त्याग करना चाहिए। सत्य केवल बोलना ही नहीं, बल्कि ऐसा सत्य बोलना भी आवश्यक है जो किसी के हित में हो। धर्म के अनुसार सत्य में हित, मर्यादा और संयम का भाव होना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने आचरण और व्यवहार में सत्य को अपनाने का आह्वान किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
धार्मिक कार्यक्रमों के पश्चात मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इसमें धर्मावलंबियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक संदेश दिए गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री सुनील जैन प्रवक्ता, तरस चंद जैन, अरुण जैन, सत्येंद्र जैन, शैलेंद्र जैन, गौरव जैन एवं अनुराग जैन सहित अन्य श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा।
श्रद्धालुओं ने लिया धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प
10 लक्षण धर्म के पांचवें दिन आयोजित उत्तम सत्य धर्म के कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर सत्य, संयम और सदाचार को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। आयोजन के दौरान वक्ताओं ने धर्म के मूल सिद्धांतों को दैनिक जीवन में उतारने तथा सत्य एवं अहिंसा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया