योग शिविर कार्यक्रम में अतिथियों का हुआ सम्मान
मेरठ। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय, वेंक्टेश्वरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (वीजीआई) मेरठ एवं उत्तर प्रदेश पुलिस साइबर सुरक्षा के संयुक्त तत्वावधान में “स्वस्थ उम्र के लिए योग” थीम पर वृहद योग शिविर एवं सम्मान समारोह-2026 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित योगाचार्यों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, छात्र-छात्राओं एवं साइबर इंटर्न्स ने भाग लेते हुए योग को स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण का आधार बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के योग परिसर में सरस्वती मां की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर वेंक्टेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि, मुख्य प्रशिक्षक एवं आर्ट ऑफ लिविंग बेंगलुरु की योग विशेषज्ञ इंजीनियर माधवी सिंह, अंतरराष्ट्रीय शाह योगा फाउंडेशन (पुर्तगाल) के को-फाउंडर एवं योगाचार्य डॉ. एन.ए. शाह, विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. (डॉ.) कृष्णकांत दवे तथा मेडिकल डीन प्रभु एम.एच. सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से योग को मिली वैश्विक पहचान : सुधीर गिरि
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वेंक्टेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि ने कहा कि योग भारत की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में विश्वभर में मान्यता मिली है और योग के माध्यम से भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।
उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवन दर्शन है, जो व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। योग के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
योग और आध्यात्म के बल पर भारत फिर बनेगा विश्व गुरु : डॉ. राजीव त्यागी
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और युवा शक्ति, योग तथा आध्यात्मिक मूल्यों के समन्वय से भारत एक बार फिर विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि योग केवल स्वास्थ्य का साधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है और योग जैसी गतिविधियां युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच तथा नेतृत्व क्षमता विकसित करती हैं।
योग से बनेगा तनावमुक्त और स्वस्थ भारत : माधवी सिंह
आर्ट ऑफ लिविंग बेंगलुरु की प्रसिद्ध योग एवं आध्यात्म प्रशिक्षिका इंजीनियर माधवी सिंह ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में तनाव, चिंता और मानसिक दबाव बढ़ रहे हैं, ऐसे में योग और ध्यान व्यक्ति को मानसिक शांति प्रदान करने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
उन्होंने लोगों से प्रतिदिन योग करने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि भारत को स्वस्थ, तनावमुक्त और विश्व के लिए प्रेरणास्रोत बनाना है तो योग को जन-जन तक पहुंचाना होगा।
योग और अध्यात्म भारतीय संस्कृति की पहचान : डॉ. एन.ए. शाह
अंतरराष्ट्रीय शाह योगा फाउंडेशन, पुर्तगाल के अध्यक्ष एवं विख्यात योगाचार्य डॉ. एन.ए. शाह ने कहा कि योग और अध्यात्म स्वस्थ एवं सुसंस्कृत भारतीयता की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि वैश्विक शांति, भाईचारे और मानव कल्याण का मार्ग भी है।
उन्होंने सभी से योग और आध्यात्म को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि भारत योग के माध्यम से वैश्विक सौहार्द्र और स्वास्थ्य का ब्रांड एंबेसडर बन सकता है।
योग गुरुओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान देश के प्रतिष्ठित योग गुरुओं एवं योगाचार्यों को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने योग के प्रचार-प्रसार और समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में उनके योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर आयोजित योग शिविर में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, मेडिकल विद्यार्थियों और साइबर इंटर्न्स ने सामूहिक योगाभ्यास किया। योग विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान एवं स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. (डॉ.) कृष्णकांत दवे, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) पीयूष कुमार पांडेय, एचआर हेड कुलदीप सिंह, डॉ. एस.के. श्रीवास्तव, डॉ. ओमप्रकाश, डॉ. आशुतोष, डॉ. शिल्पा रैना, डॉ. आसिया वाहिद, डॉ. अनिल कुमार जायसवाल, डॉ. श्यामलाल, डॉ. विकास पांडेय, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. आरती गुप्ता, डॉ. विनीत गुप्ता, डॉ. ए.एस. यादव, डॉ. अमित कुमार, डॉ. ज्योति, डॉ. आनंद सेन, डॉ. प्रीति मिश्रा, डॉ. श्रीराम गुप्ता, डॉ. ऋषभ चौधरी, डॉ. चंद्रकांत, अभिषेक सुमन, एपीओ कृष्ण कुमार, यादराम, एस.एस. बघेल, रिया चौधरी, सी.बी. सिंह, लल्लू सिंह, नीरज गिरि, शीलभद्र, शक्ति ध्वज, सचिन, संजीव राय, प्रीतपाल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
मेरठ परिसर से निदेशक डॉ. पंकज सिंह, डॉ. राहुल शर्मा, डॉ. नितिन राज, बृजपाल सिंह तथा मीडिया प्रभारी विश्वास राणा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
योग के माध्यम से स्वस्थ भारत का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग करने तथा समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित यह वृहद योग शिविर एवं सम्मान समारोह स्वास्थ्य, अनुशासन, सकारात्मक सोच और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार का सशक्त माध्यम बनकर उभरा। योग के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ भारत के निर्माण के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक और यादगार साबित हुआ।