गढ़ रोड स्थित रामसहाय इंटर कॉलेज में बैठक करते ठकुराई गुट के कार्यकर्ता
मेरठ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) की मेरठ एवं सहारनपुर परिक्षेत्र के सभी जनपदों के जिलाध्यक्षों, जिलामंत्रियों, मंडलीय पदाधिकारियों, प्रदेश पदाधिकारियों एवं सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को मेरठ स्थित राम सहाय इंटर कॉलेज में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय संरक्षक महावीर प्रसाद त्यागी ने की, जबकि संचालन प्रांतीय मंत्री अरुण पाल आत्रेय ने किया।
बैठक में वर्ष 2026 के शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद निर्वाचन को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शिक्षक संघ इस बार युवा एवं सक्रिय शिक्षकों को प्रत्याशी बनाकर पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतारेगा। संगठन का मानना है कि नई पीढ़ी के नेतृत्व से शिक्षकों की समस्याओं को अधिक प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।
प्रत्याशी चयन के लिए बनी उच्च स्तरीय समिति
बैठक में संभावित प्रत्याशियों के चयन के लिए पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया। इस समिति में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उमेश त्यागी, प्रांतीय मंत्री अरुण पाल आत्रेय, प्रांतीय संरक्षक महावीर प्रसाद त्यागी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विनोद यादव तथा प्रांतीय संरक्षण मंत्री डी.एन. यादव को शामिल किया गया है। समिति अगले एक सप्ताह के भीतर संभावित प्रत्याशियों से वार्ता कर जीत की संभावनाओं के आधार पर अंतिम उम्मीदवारों की घोषणा करेगी।
शिक्षा व्यवस्था के बाजारीकरण पर जताई चिंता
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उमेश त्यागी ने कहा कि वर्तमान समय में सरकारी एवं अनुदानित शिक्षा व्यवस्था को लगातार कमजोर किया जा रहा है तथा शिक्षा के बाजारीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों के संघर्ष से शिक्षकों को प्राप्त अधिकारों और सुविधाओं को धीरे-धीरे समाप्त किया जा रहा है।
उन्होंने पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त किए जाने, शिक्षकों के विरुद्ध प्रस्तावित दंड संबंधी मामलों की सुनवाई के लिए अधिकृत चयन बोर्ड को समाप्त कर जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को एकल अधिकार दिए जाने तथा शिक्षकों की छुट्टियों में शिक्षणेत्तर कार्यों में लगातार ड्यूटी लगाए जाने को गंभीर चिंता का विषय बताया।
शिक्षक मतदाता सूची में अनियमितताओं का आरोप
बैठक में शिक्षक निर्वाचन नामावली को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए। डॉ. उमेश त्यागी ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार की गई विधान परिषद शिक्षक निर्वाचन नामावली में बड़ी संख्या में फर्जी शिक्षकों के नाम शामिल कर दिए गए हैं, जबकि अनेक वास्तविक शिक्षकों के नाम मतदाता सूची से बाहर हैं।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी एवं मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर पूरे मामले से अवगत कराया जा चुका है। साथ ही संगठन ने निर्णय लिया है कि प्रांतीय कार्यकारिणी की ओर से शीघ्र ही मुख्य चुनाव आयुक्त को भी विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा।
संगठन में महत्वपूर्ण नियुक्तियां
बैठक के दौरान संगठनात्मक मजबूती के लिए कई महत्वपूर्ण नियुक्तियों की घोषणा भी की गई।
बागपत जनपद के इंटरमीडिएट कॉलेज धनौरा सिल्वरनगर के प्रधानाचार्य सुशील चौधरी को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत करते हुए मेरठ-सहारनपुर परिक्षेत्र का संगठन प्रभारी बनाया गया।
इसके अलावा रहावती इंटर कॉलेज, मेरठ के प्रधानाचार्य डॉ. अरुण मलिक को संगठन का मेरठ का प्रभारी जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
एक माह चलेगा शिक्षक मतदाता अभियान
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के नाम शिक्षक निर्वाचन नामावली में शामिल नहीं हो सके हैं, उन्हें मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए संगठन एक माह का विशेष अभियान चलाएगा। इस अभियान की जिम्मेदारी संबंधित जिलाध्यक्षों एवं जिलामंत्रियों को सौंपी गई है ताकि कोई भी पात्र शिक्षक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
अनेक पदाधिकारियों ने रखे विचार
सुबह 10:30 बजे से शाम 4 बजे तक चली इस बैठक में मेरठ एवं सहारनपुर मंडल के विभिन्न जनपदों से आए पदाधिकारियों ने संगठन की भावी रणनीति, शिक्षकों की समस्याओं तथा विधान परिषद चुनाव को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक को अरुण मलिक, अरविंद चौहान, ज्ञानेंद्र पुंडीर, राहुल कुशवाहा, सुनील चौधरी, प्रमोद प्रकाश शर्मा, महेंद्र नागर, सुधीर यादव, डॉ. राकेश यादव, पुष्पेंद्र कुमार, मंडलीय मंत्री विजेंद्र ध्यानी, प्रवीण मिश्रा, यशपाल सिंह, सुनील तोमर, डॉ. सुखनंदन त्यागी, निर्दोष त्यागी, मुकेश त्यागी सहित अनेक पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
संगठन ने दिए संघर्ष तेज करने के संकेत
बैठक के अंत में संगठन ने स्पष्ट किया कि शिक्षक हितों की रक्षा, पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा शिक्षक निर्वाचन में पारदर्शिता सुनिश्चित कराने के लिए आने वाले समय में व्यापक आंदोलन और संगठनात्मक अभियान चलाए जाएंगे। संगठन ने शिक्षक समुदाय से एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान भी किया।