शिविर में कंवरिया से वार्ता करते मेरठ जिलाधिकारी डॉ वी के सिंह
मेरठ। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी क्रम में गुरुवार को जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गंग नहर पटरी कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नानू पुल से भोले की झाल तक कांवड़ मार्ग का दौरा कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
स्वास्थ्य शिविर का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मार्ग पर स्थापित स्वास्थ्य शिविर का भी दौरा किया। उन्होंने वहां उपलब्ध दवाइयों के स्टॉक, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था, चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए और आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए।
कांवड़ियों से की बातचीत
जिलाधिकारी ने मार्ग पर चल रहे कांवड़ियों से सीधे संवाद कर यात्रा के दौरान मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कांवड़ियों से भोजन, पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर फीडबैक प्राप्त किया। कई श्रद्धालुओं ने प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे कांवड़ मार्ग पर लगातार गश्त जारी रखी जाए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। महिला कांवड़ियों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
इन व्यवस्थाओं का लिया जायजा
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान कांवड़ मार्ग पर उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं की भी समीक्षा की, जिनमें प्रमुख रूप से—
- बैरिकेडिंग की व्यवस्था
- सड़क मरम्मत एवं पेंचवर्क
- जल निकासी व्यवस्था
- पेयजल की उपलब्धता
- स्ट्रीट लाइट एवं प्रकाश व्यवस्था
- सार्वजनिक एवं मोबाइल शौचालय
- महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा
- बाइक एम्बुलेंस सेवा
- आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं
- सफाई व्यवस्था
शामिल रहीं।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए।
अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही है। ऐसे में सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी कोई कमी दिखाई दे, उसे बिना विलंब दूर किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अपर जिलाधिकारी (नगर) बृजेश सिंह, एसपी देहात अभिजीत कुमार, एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर, जिला पंचायत राज अधिकारी वीरेंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशासन का उद्देश्य सुरक्षित और सुव्यवस्थित कांवड़ यात्रा
जिला प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रशासन लगातार कांवड़ मार्गों का निरीक्षण कर रहा है तथा स्वास्थ्य, सुरक्षा, पेयजल, सफाई, प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि कांवड़ यात्रा बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।