कलानिधि नैथानी (डी आई जी मेरठ परिक्षेत्र)
मेरठ। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की तैयारी पूरी कर ली है। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मेरठ परिक्षेत्र श्री कलानिधि नैथानी ने बताया कि इस वर्ष मेरठ रेंज के चार जनपदों—मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़—में 969 किलोमीटर लंबे 28 प्रमुख कांवड़ मार्गों पर लाखों शिवभक्तों की आवाजाही होगी। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरे रूट पर विशेष पुलिस व्यवस्था, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी तथा आपदा प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
148 बैरियरों से होगी सुरक्षा और यातायात की निगरानी
डीआईजी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान पूरे मेरठ परिक्षेत्र में 148 बैरियर स्थापित किए जाएंगे। इन बैरियरों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार तैनात रहेंगे ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनी रहे और यातायात प्रभावित न हो। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और मोबाइल टीमें भी तैनात रहेंगी।
32 प्रमुख शिव मंदिरों में होगा जलाभिषेक
श्रावण मास में मेरठ परिक्षेत्र के 32 प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र में 12 प्रमुख श्रावण मेलों का आयोजन भी होगा। मंदिरों और मेला स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
घाटों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा और अन्य जल स्रोतों से जल भरने आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए घाटों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। पूरे मेरठ परिक्षेत्र में 157 नावें और 139 प्रशिक्षित गोताखोर तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा ब्रजघाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर जल पुलिस, फ्लड कंपनी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी।
घाटों पर डबल बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, कंट्रोल रूम, खोया-पाया केंद्र, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और वॉच टावर भी स्थापित किए जाएंगे। हर गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से नजर रखी जाएगी।
जनपदवार कांवड़ मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था
मेरठ
- प्रमुख कांवड़ मार्ग – 7
- कुल दूरी – 228 किलोमीटर
- बैरियर – 26
- प्रमुख शिव मंदिर – 13
- श्रावण मेले – 3
- बुलंदशहर
- प्रमुख कांवड़ मार्ग – 10
- कुल दूरी – 446 किलोमीटर
- बैरियर – 65
- प्रमुख शिव मंदिर – 10
- श्रावण मेले – 5
- बागपत
- प्रमुख कांवड़ मार्ग – 6
- कुल दूरी – 164 किलोमीटर
- बैरियर – 51
- प्रमुख शिव मंदिर – 1
- श्रावण मेला – 1
- हापुड़
- प्रमुख कांवड़ मार्ग – 5
- कुल दूरी – 131 किलोमीटर
- बैरियर – 6
- प्रमुख शिव मंदिर – 8
- श्रावण मेले – 3
- घाटों पर गोताखोर और नावों की तैनाती
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक जनपद में नावों और गोताखोरों की विशेष व्यवस्था की गई है।
- मेरठ: 35 गोताखोर और 12 नावें
- बुलंदशहर: 58 गोताखोर और 37 नावें
- बागपत: 20 गोताखोर और 8 नावें
- हापुड़: 26 गोताखोर और 100 नावें
डीआईजी ने दिए विशेष निर्देश
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी नाविकों और गोताखोरों को पहले से ब्रीफ किया जाए। प्रत्येक नाव में लाइफ जैकेट अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे। नदियों और नहरों के आसपास स्थित पुलिस चौकियों तथा पुलिस मोबाइल वाहनों में भी पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट रखी जाएं। इसके अलावा प्रमुख शिव मंदिरों और मेला आयोजकों के साथ समन्वय बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने सभी कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, केवल निर्धारित मार्गों और अधिकृत घाटों का ही उपयोग करें तथा गहरे पानी में जाने से बचें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, दुर्घटना या आपात स्थिति की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम अथवा निकटतम पुलिस अधिकारी को दें।
प्रशासन का कहना है कि पुलिस, प्रशासन और श्रद्धालुओं के पारस्परिक सहयोग से ही कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सफल बनाया जा सकेगा।