घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
पंचकूला। पंचकूला पुलिस ने एचएमटी पिंजौर क्षेत्र में युवक के अपहरण और लूटपाट की सनसनीखेज वारदात का मात्र 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। कार्रवाई के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो आरोपी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोधारा गिरोह से जुड़ा हथियार सप्लायर है।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि 15 जून को एचएमटी पिंजौर निवासी एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह शाम करीब साढ़े पांच बजे स्कूटी से पेट्रोल भरवाकर घर लौट रहा था। इसी दौरान गौरी शंकर मंदिर के निकट काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार चार युवकों ने रास्ता पूछने के बहाने उसे रोक लिया। आरोपियों ने चाकू दिखाकर युवक को जबरन गाड़ी में बैठा लिया और उसका अपहरण कर लिया।
हाईवे पर घुमाया, नकदी और मोबाइल लूटा
पीड़ित के अनुसार आरोपी उसे विभिन्न स्थानों पर घुमाते रहे। इस दौरान चंडीमंदिर और बरवाला टोल पार किए गए। बदमाशों ने उसकी जेब से 12 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन छीन लिया। आरोपियों ने उसके मोबाइल का इस्तेमाल कर ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से पेट्रोल भरवाया और खाते से पैसे भी निकलवाए। कई घंटों तक बंधक बनाकर रखने के बाद आरोपियों ने उसे बरवाला अनाज मंडी के पास छोड़ दिया और फरार हो गए।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच से मिली सफलता
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना पिंजौर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमों ने तुरंत जांच शुरू की। चंडीमंदिर और बरवाला टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 309(4), 351(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया।
क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 की टीम ने एसीपी अमन और इंस्पेक्टर प्रवीण मलिक के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए 16 जून को दो आरोपियों वीरेन और आशीष, निवासी चरखी दादरी, को सेक्टर-19 फेज-1 क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के आधार पर अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई।
अलीपुर इंडस्ट्रियल एरिया में पुलिस से मुठभेड़
बुधवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि मामले के दो फरार आरोपी बरवाला चौकी क्षेत्र के अलीपुर इंडस्ट्रियल एरिया में मौजूद हैं। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और आरोपियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। लेकिन आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों द्वारा चलाई गई दो गोलियां पुलिसकर्मियों की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगीं, जिससे बड़ा हादसा टल गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने तीन राउंड फायर किए, जिनमें दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
रोहित गोधारा गैंग से जुड़ा निकला आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेश कुमार निवासी भिवानी और दीपेश कुमार निवासी चरखी दादरी के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दीपेश के खिलाफ अपहरण और मारपीट के मामले दर्ज हैं, जबकि योगेश के खिलाफ संगठित अपराध और आर्म्स एक्ट से जुड़े गंभीर मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि योगेश कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोधारा गिरोह से जुड़ा हुआ है और कथित तौर पर हथियार सप्लाई करने का काम करता रहा है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और गैंग कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
पिस्टल, कारतूस और स्कॉर्पियो बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक .32 बोर पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई ब्लैक स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की है। जांच में पता चला है कि स्कॉर्पियो को आरोपियों ने अपने एक परिचित से किराये पर लिया था।
पुलिस के अनुसार चारों आरोपी छात्र हैं, लेकिन उनके आपराधिक गतिविधियों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात की योजना कैसे बनाई गई और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
दो आरोपी अस्पताल में, दो पुलिस रिमांड पर
मुठभेड़ में घायल योगेश और दीपेश का सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल में इलाज चल रहा है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद दोनों से विस्तृत पूछताछ की जाएगी। वहीं पहले गिरफ्तार किए गए वीरेन और आशीष को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
कानून को चुनौती देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: पुलिस कमिश्नर
पंचकूला पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने कहा कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पंचकूला पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अपराधियों को स्पष्ट संदेश है कि वे चाहे कितनी भी योजना बनाकर अपराध करें, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते।
पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपियों के संभावित सहयोगियों, गैंग कनेक्शन तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े पहलुओं को भी खंगाल रही है।