सरकारी योजनाओं की जानकारी देते उत्तर प्रदेश सरकार में जल शक्ति विभाग के राज्यमंत्री दिनेश खटीक
भारत टैक्सी से ड्राइवरों को मिलेगा कमाई का पूरा हिस्सा, नहीं होगी सर्ज प्राइसिंग
मेरठ। प्रदेश में सहकारिता आधारित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत टैक्सी ऐप की आधिकारिक शुरुआत की गई। सहकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू की गई भारत टैक्सी को दुनिया की बड़ी को-ऑपरेटिव कैब सर्विस के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह सेवा देश की प्रमुख सहकारी संस्थाओं के सहयोग से संचालित होगी। भारत टैक्सी के माध्यम से कार, कैब, ऑटो रिक्शा, बाइक और अन्य टैक्सी सेवाओं की बुकिंग की जा सकेगी। भारत टैक्सी की सबसे प्रमुख विशेषता शून्य कमीशन व्यवस्था है। ऐप के माध्यम से ड्राइवर द्वारा अर्जित राशि का पूरा हिस्सा ड्राइवर को मिलेगा। इसके अलावा सेवा में सर्ज प्राइसिंग नहीं रखी गई है। यानी बारिश, ट्रैफिक अथवा पीक आवर्स के दौरान किराए में अचानक बढ़ोतरी नहीं होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को पारदर्शी किराया उपलब्ध कराने के साथ ड्राइवरों की आय को बेहतर बनाना है।
ड्राइवर होंगे सहकारी संस्था के सदस्य और सहमालिक
भारत टैक्सी को सामान्य कैब सेवा से अलग सहकारी मॉडल पर संचालित किया जाएगा। इसमें ड्राइवर केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि सहकारी संस्था के सदस्य और सहमालिक भी होंगे। इससे ड्राइवरों को सेवा से होने वाली आय के साथ सहकारी व्यवस्था में भागीदारी का अवसर मिलेगा। भारत टैक्सी ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर उपयोग किया जा सकता है। ऐप के माध्यम से यात्रियों को अपनी आवश्यकता के अनुसार कार, कैब, ऑटो रिक्शा, बाइक और अन्य वाहनों की बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का भी शुभारंभ
पांच वर्ष में पांच लाख किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड (एलडीबी) द्वारा लघु एवं सीमांत किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ किया गया है। प्रदेश सरकार ने इस योजना के लिए 384 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। योजना के माध्यम से आगामी पांच वर्षों में प्रदेश के करीब पांच लाख किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के तहत किसानों को छह लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। पांच वर्ष या उससे अधिक अवधि के लिए दिए जाने वाले इस ऋण पर छह प्रतिशत की प्रभावी ब्याज दर निर्धारित की गई है। समय से ऋण की किस्तों का भुगतान करने वाले लाभार्थियों को राज्य सरकार की ओर से ब्याज अनुदान का लाभ भी दिया जाएगा।
ईएमआई के माध्यम से होगी ऋण की आसान अदायगी
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को ऋण की अदायगी के लिए ईएमआई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाया जाएगा। इससे किसानों को ऋण प्राप्त करने के लिए अनावश्यक प्रक्रियाओं से राहत मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत कृषि और कृषि आधारित गतिविधियों के साथ-साथ अकृषि क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों के लिए भी ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश की सभी संबंधित शाखाओं की ब्रांडिंग और आधुनिकीकरण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
जिला सहकारी बैंक मेरठ ने दर्ज की महत्वपूर्ण उपलब्धियां
आईएसओ प्रमाणन हासिल करने वाला प्रदेश का पहला बैंक
जिला सहकारी बैंक लिमिटेड मेरठ ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सहकारिता के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। बैंक को ISO 9001 और ISO 27001 प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इसके साथ बैंक को प्रदेश में यह उपलब्धि हासिल करने वाला पहला बैंक बताया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला सहकारी बैंक मेरठ द्वारा जनपद मेरठ में सात और जनपद बागपत में पांच नई बी-पैक्स का गठन किया गया। इन नई बी-पैक्स के माध्यम से किसानों को ऋण वितरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
जमा और कार्यशील पूंजी में प्रदेश में प्रथम स्थान
जिला सहकारी बैंक मेरठ ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,606.78 करोड़ रुपये की जमा राशि प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। इसी अवधि में बैंक ने 4,317 करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी के साथ भी प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। कृषि ऋण वितरण के क्षेत्र में भी बैंक ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैंक द्वारा 1,187.06 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित किया गया, जिसके आधार पर बैंक ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी वित्तीय वर्ष में बैंक ने 55.8 करोड़ रुपये का सकल लाभ अर्जित कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया।
पीएम सूर्य घर योजना के तहत भी ऋण सुविधा
सोलर संयंत्र लगाने के लिए 10 किलोवाट तक ऋण उपलब्ध
जिला सहकारी बैंक मेरठ द्वारा भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत भी लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आवासीय भवनों पर सोलर पैनल लगवाने के लिए एक किलोवाट से 10 किलोवाट तक के सोलर संयंत्र स्थापित करने हेतु ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। बैंक की ओर से कृषि ऋण के साथ कृषि से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के लिए भी किसानों को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इनमें ट्रैक्टर, रोटावेटर, मत्स्य पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन और पशुपालन एवं डेयरी जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इन कार्यों के लिए किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
स्वरोजगार के लिए 415 नए ग्राहकों को मिला ऋण
‘सहकार से समृद्धि स्वरोजगार ऋण योजना’ से बढ़ा रोजगार का दायरा
बैंक द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में विविधीकरण ऋण वितरण के लिए ‘सहकार से समृद्धि स्वरोजगार ऋण योजना’ शुरू की गई। इसके माध्यम से 415 नए ग्राहकों को कुल 2.06 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। इस योजना के तहत विविधीकरण ऋण वितरण के समय ग्राहकों से बैंक द्वारा किसी प्रकार की प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जा रही है। बैंक की वित्तीय स्थिति में भी सुधार दर्ज किया गया है। 31 मार्च 2026 की स्थिति में जिला सहकारी बैंक मेरठ का नेट एनपीए शून्य बताया गया है।
13 गन्ना समितियों के माध्यम से किसानों को ऋण सुविधा
जिला सहकारी बैंक मेरठ से 13 गन्ना समितियां संबद्ध हैं। इनके माध्यम से कुल 33,955 सदस्यों के लिए 57.62 करोड़ रुपये की ऋण सीमा स्वीकृत की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन माध्यमों से 33.35 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया गया।
सदस्यता अभियान में लक्ष्य से अधिक उपलब्धि
बैंक द्वारा चलाए गए सदस्यता अभियान में भी निर्धारित लक्ष्य से अधिक उपलब्धि दर्ज की गई। अभियान के तहत 70,000 नए सदस्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 73,680 नए सदस्य बनाए गए। इस प्रकार बैंक ने निर्धारित लक्ष्य का 106 प्रतिशत पूरा किया।
मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई सुविधा की दिशा में भी कदम
जिला सहकारी बैंक मेरठ को भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से मोबाइल बैंकिंग सुविधा के लिए लाइसेंस प्राप्त हुआ। बैंक द्वारा मोबाइल बैंकिंग व्यवस्था से संबंधित टेस्ट ट्रांजैक्शन भी पूरा किया जा चुका है। वर्तमान में बैंक की ओर से ग्राहकों को मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। भारत टैक्सी सेवा और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की शुरुआत के साथ सहकारिता आधारित सेवाओं को परिवहन, कृषि, स्वरोजगार और डिजिटल बैंकिंग से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इससे किसानों, ड्राइवरों, छोटे उद्यमियों और आम उपभोक्ताओं को सहकारी व्यवस्था के माध्यम से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।