करंट से झूलसे लोगों से बातचीत करते मेरठ जिलाधिकारी डॉ वी के सिंह एवं एसएसपी अविनाश पांडे
मेरठ। मेरठ जनपद के परीक्षितगढ़ कस्बे में शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। बारिश के बीच निकाली जा रही रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ का रथ 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। करंट फैलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 30 वर्षीय श्रद्धालु सचिन की मौत हो गई, जबकि 11 श्रद्धालु झुलस गए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल तथा निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन के अनुसार अधिकांश घायलों की हालत खतरे से बाहर है, जबकि एक महिला को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया है।
बारिश के बीच निकाली जा रही थी रथयात्रा
जानकारी के अनुसार, परीक्षितगढ़ स्थित ओम पब्लिक स्कूल परिसर में भगवान जगन्नाथ की शोभायात्रा एवं धार्मिक कथा का आयोजन किया गया था। पिछले पांच दिनों से चल रहे इस धार्मिक कार्यक्रम का गुरुवार को समापन हुआ था। शुक्रवार दोपहर भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा बैंड-बाजों और जयघोष के साथ नगर में निकाली जा रही थी। रथयात्रा में करीब दो हजार श्रद्धालु शामिल थे।
पूजा शुरू होने से पहले ही खींच दिया गया रथ
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा रथ पर विराजमान हो चुकी थी और विधिवत पूजा-अर्चना की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान बारिश शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि कुछ श्रद्धालुओं ने बिना पूजा पूरी हुए ही रथ की रस्सी पकड़कर उसे आगे बढ़ाना शुरू कर दिया। मौजूद लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन रथ को आगे ले जाया गया।
रथ जैसे ही रजवाहे की पटरी की ओर बढ़ा, उसकी ऊंची चोटी ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से छू गई। संपर्क होते ही पूरे रथ में करंट दौड़ गया और उस पर सवार तथा आसपास मौजूद कई श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए।
करंट लगते ही मच गई चीख-पुकार
हाईटेंशन लाइन से संपर्क होते ही रथ पर सवार कई लोग नीचे गिर पड़े। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और भगदड़ जैसे हालात बन गए। श्रद्धालु अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को रथ से अलग किया और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
मजदूरी कर परिवार चलाता था मृतक सचिन
हादसे में परीक्षितगढ़ निवासी सचिन (30 वर्ष) गंभीर रूप से झुलस गया। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सचिन मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके पिता नंदकिशोर भी मजदूरी करते हैं। परिवार में मां, छोटा भाई विशाल तथा दो बहनें प्राची और विशाखा हैं। सचिन की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई।
11 श्रद्धालु झुलसे, कई का इलाज जारी
हादसे में झुलसे लोगों में प्रियांशु, विवेक, मनीष (औरंगाबाद), शिवम, यश, पीहू (परीक्षितगढ़), निमेष (अहमद पुरी), महाराज भरतदास (लखीमपुर खीरी), राजेश मिश्रा सहित कुल 11 श्रद्धालु शामिल हैं। घायलों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश की हालत स्थिर है, जबकि एक महिला को गंभीर स्थिति में उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा प्रशासन
हादसे की सूचना मिलते ही एसपी देहात अभिजीत कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। कई थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
रथ की ऊंचाई को लेकर पहले भी जताई गई थी आपत्ति
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस वर्ष कथा के मुख्य यजमान समाजसेवी अतुल शर्मा थे। ग्रामीणों के अनुसार पिछले सात वर्षों से यह धार्मिक आयोजन लगातार हो रहा है, जबकि आयोजन स्थल और आयोजक बदलते रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार तैयार किए गए रथ की ऊंचाई लगभग 14 फीट थी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने रथ की ऊंचाई को लेकर पहले ही आपत्ति जताई थी, लेकिन आयोजकों ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया। अब जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया और रथ हाईटेंशन लाइन के संपर्क में कैसे आया।
डीएम ने दिए जांच के निर्देश
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने बताया कि हादसे में करीब 11 लोग करंट की चपेट में आए हैं। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां अधिकांश की स्थिति सामान्य है और वे खतरे से बाहर हैं। एक महिला को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करता है। विशेष रूप से हाईटेंशन बिजली लाइनों के आसपास निकलने वाली शोभायात्राओं और रथयात्राओं में पूर्व सुरक्षा निरीक्षण, रथ की ऊंचाई का आकलन तथा प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।