विकास भवन सभागार में कृषि विकास की समीक्षा बैठक करते जिलाधिकारी डॉ वी के सिंह
मेरठ। जनपद में कृषि को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में शुक्रवार को महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में कृषि तकनीकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) की गवर्निंग बोर्ड बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2025-26 में संचालित कृषि योजनाओं की समीक्षा की गई तथा वर्ष 2026-27 के लिए तैयार जिला कृषि कार्य योजना और विभिन्न कृषि कार्यक्रमों को मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में कृषि एवं किसानों के हित से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें नेशनल फूड सिक्योरिटी एवं पोषण मिशन, मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेज, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल, नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग, नमामि गंगे, पीकेवीवाई (परंपरागत कृषि विकास योजना) तथा उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम प्रमुख रहे।
वर्ष 2025-26 की योजनाओं की समीक्षा
उप कृषि निदेशक मेरठ ने बैठक में जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 के लिए आत्मा योजना के अंतर्गत 4.01 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत की गई थी। इसके सापेक्ष 97.14 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई, जिसमें से 88.19 लाख रुपये विभिन्न कृषि कार्यक्रमों पर व्यय किए गए।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए कृषि एवं संबद्ध विभागों की 3.13 करोड़ रुपये की जिला कृषि कार्य योजना तैयार की गई है, जिसे आत्मा गवर्निंग बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से अनुमोदित कर दिया गया।
किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने पर जोर
बैठक में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के खेतों पर तकनीकी प्रदर्शन (डेमो प्लॉट) आयोजित किए जाएं ताकि अन्य किसान भी नई कृषि तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देख और समझ सकें।
उन्होंने कहा कि जनपद के प्रगतिशील किसानों का चयन कर उन्हें प्राकृतिक एवं जैविक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाया जाए, जिससे वे नई तकनीकों को अपनाकर अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन सकें।
संतुलित उर्वरक उपयोग और कम कीटनाशक पर विशेष फोकस
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा कीटनाशकों का कम से कम प्रयोग करने के लिए लगातार जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने से खेती की लागत कम होगी, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
फसल विविधीकरण को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में कृषि विभाग के साथ-साथ गन्ना, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन, एलडीएम, नाबार्ड तथा अन्य संबद्ध विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग मिलकर किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित करें, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।
मखाना खेती को मिलेगा प्रोत्साहन
बैठक में विशेष रूप से मखाना खेती पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पिछले वर्ष बिहार के दरभंगा से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके किसान अब मखाना उत्पादन शुरू करने की तैयारी करें तथा अन्य किसानों को भी इस नई और लाभकारी खेती के लिए प्रेरित करें।
ग्रामीण युवाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण
मुख्य विकास अधिकारी ने आत्मा योजना के अंतर्गत संचालित स्किल ट्रेनिंग फॉर रूरल यूथ कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र लाभार्थियों का चयन कर उन्हें कृषि आधारित तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, जिससे ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित हो सकें।
प्रगतिशील किसानों ने साझा किए अनुभव
बैठक के दौरान जनपद के कई प्रगतिशील किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए। इनमें मदनपाल सिंह राली चौहान, राजकुमार बाफर, कमल सिंह चौहान, प्रेमचंद शर्मा, सुनील फौजी भामौरी, हरिराम तथा डालचंद उत्पन सहित अन्य किसानों ने खेती में अपनाए जा रहे नवाचारों और चुनौतियों पर अपने विचार रखे।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में कृषि विभाग के अलावा गन्ना, पशुपालन, मत्स्य, उद्यान विभाग सहित अन्य संबद्ध विभागों के अधिकारी, आत्मा गवर्निंग बोर्ड के सदस्य, प्रगतिशील किसान तथा आत्मा योजना के अंतर्गत कार्यरत संविदा कार्मिक उपस्थित रहे।
कृषि विकास को मिलेगा नया आधार
जिला प्रशासन का मानना है कि तकनीकी खेती, प्राकृतिक कृषि, फसल विविधीकरण, जैविक उत्पादन और किसानों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देकर मेरठ में कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। आत्मा गवर्निंग बोर्ड की इस बैठक में लिए गए निर्णय आने वाले समय में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।