गन्ना किसान
मेरठ। प्रदेश सरकार गन्ना किसानों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में गन्ना विकास विभाग द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति, लघु एवं सीमांत तथा महिला गन्ना कृषकों के लिए 50 प्रतिशत अनुदान पर छोटे कृषि यंत्र उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य गन्ना खेती में आधुनिक तकनीकों और यंत्रीकरण को बढ़ावा देना, उत्पादन लागत को कम करना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना है।
उप गन्ना आयुक्त मेरठ कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार, योजना के तहत पात्र किसानों को अधिकतम 5,000 रुपये मूल्य तक के छोटे कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा। इसमें बैटरी चालित स्प्रेयर सहित अन्य उपयोगी कृषि यंत्र शामिल हैं, जिनसे खेती के कार्यों को आसान, कम खर्चीला और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
खेती होगी आधुनिक, लागत में आएगी कमी
गन्ना विकास विभाग का मानना है कि छोटे और सीमित संसाधनों वाले किसानों के लिए आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग करना कई बार आर्थिक रूप से संभव नहीं हो पाता। ऐसे में यह योजना किसानों को कम लागत में आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने का कार्य करेगी। यंत्रीकरण बढ़ने से श्रम लागत में कमी आएगी तथा उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी।
इन किसानों को मिलेगा प्राथमिकता का लाभ
योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लघु और सीमांत कृषकों के साथ-साथ महिला गन्ना कृषकों को प्राथमिकता दी जाएगी। कुल लाभार्थियों में अनुसूचित जाति-जनजाति एवं महिला कृषकों की न्यूनतम 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जो संबंधित गन्ना समिति के सदस्य हैं और नियमित रूप से गन्ने की आपूर्ति करते हैं। इसके अलावा किसान पर गन्ना समिति का कोई बकाया नहीं होना चाहिए।
ऐसे करें आवेदन
योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। किसान एसजीके (SGK) पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। लाभार्थियों का चयन पूरी तरह पारदर्शी तरीके से “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा।
आवेदन के समय किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करने होंगे—
- आधार कार्ड
- खतौनी
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- बैंक पासबुक की प्रति
- नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो
अनुदान का व्यय कौन करेगा वहन
योजना के तहत दिए जाने वाले 50 प्रतिशत अनुदान का व्यय दो संस्थाओं द्वारा वहन किया जाएगा। इसमें 25 प्रतिशत राशि संबंधित गन्ना समिति तथा 25 प्रतिशत राशि गन्ना विकास परिषद द्वारा वहन की जाएगी। इससे किसानों को कम लागत में कृषि यंत्र उपलब्ध हो सकेंगे।
किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी योजना
गन्ना विकास विभाग का कहना है कि यह योजना विशेष रूप से छोटे, सीमांत और महिला किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता से खेती की उत्पादकता बढ़ेगी, श्रम और समय की बचत होगी तथा किसानों की आय में भी सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी। विभाग ने पात्र किसानों से समय रहते ऑनलाइन आवेदन कर योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है।