मानव श्रृंखला बनाते कॉलेज की छात्र
मेरठ। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को मेरठ में लगातार छात्रों का समर्थन मिल रहा है। अभियान के ग्यारहवें दिन शुक्रवार को भी शहर के विभिन्न कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने मिस्ड कॉल देकर और पंजीकरण फॉर्म भरकर अभियान से जुड़ते हुए अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
अभियान का नेतृत्व शहर संयोजक अवनीश काजला ने किया। उनके नेतृत्व में मेरठ एक्शन टीम ने मेरठ कॉलेज, एनएएस कॉलेज सहित शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर छात्रों से संवाद किया। टीम ने छात्रों को अभियान के उद्देश्य, शिक्षा से जुड़े मुद्दों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील की।
इस अवसर पर शहर संयोजक अवनीश काजला ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को मिल रहा अभूतपूर्व समर्थन इस बात का संकेत है कि प्रदेश का छात्र-युवा वर्ग शिक्षा, रोजगार और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों, बढ़ती बेरोज़गारी और शिक्षा व्यवस्था की कमियों के कारण छात्रों में निराशा का माहौल है।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र-युवा खुद को व्यवस्था से ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और ऐसे समय में कांग्रेस का यह अभियान उनकी आवाज़ को मंच प्रदान करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अभियान के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्रों को आगामी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाग लेने का आमंत्रण दिया। साथ ही अभियान के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अवनीश काजला, अल्तमस त्यागी, निशांत चौधरी, सुमित विकल, शरयाब मुखिया, अजय चौधरी, अज़ीम प्रधान, फरहान चौधरी, अफरोज़ सैफी, रवि कुमार, हर्ष चौधरी, वाशु काजला और हर्ष सिवाच सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि अभियान को छात्रों का लगातार बढ़ता समर्थन मिल रहा है और आने वाले दिनों में इसे और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा, ताकि छात्र-युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सरकार और समाज के सामने रखा जा सके।