बाईपास स्थित एक होटल पर बैठक करते होटल एवं जिम संचालक
मेरठ। शहर में कोचिंग सेंटरों के विरुद्ध चल रही प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब होटल एवं जिम संचालकों ने भी अपनी समस्याओं को लेकर एकजुटता दिखाई है। शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को वेदव्यासपुरी स्थित मीनार होटल में होटल मालिकों, संचालकों एवं जिम संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक दोपहर 1:00 बजे से 2:30 बजे तक चली, जिसमें प्रशासन द्वारा हाल ही में दिए गए निर्देशों और भविष्य की कार्रवाई को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का संचालन वेदव्यासपुरी व्यापार संघ के उपाध्यक्ष आशीष चौधरी ने किया। इस दौरान उपस्थित व्यापारियों ने कहा कि 29 जून को एडीएम सिटी बृजेश सिंह द्वारा होटल संचालकों के साथ हुई बैठक में सराय एक्ट के तहत पंजीकरण तथा अन्य आवश्यक मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। इसी विषय पर विचार-विमर्श करने और सामूहिक रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से यह बैठक बुलाई गई।
व्यापारियों ने बैठक में स्पष्ट किया कि वे सराय एक्ट के अंतर्गत पंजीकरण कराने और सरकार द्वारा निर्धारित सभी नियमों एवं मानकों का पालन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि होटल संचालन के लिए विभिन्न विभागों से एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया काफी जटिल और समय लेने वाली है।
होटल संचालकों ने प्रशासन से मांग की कि सात विभिन्न विभागों से मिलने वाली अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए तथा संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर व्यापारियों की सहायता की जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि जहां संभव हो, नियमों के अनुरूप आवश्यक रियायतें प्रदान की जाएं ताकि छोटे और मध्यम स्तर के होटल संचालकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने कहा कि व्यापारी कानून का सम्मान करते हैं और सभी नियमों का पालन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को व्यापारियों के साथ संवाद स्थापित कर सहयोगात्मक रवैया अपनाना चाहिए।
शैंकी वर्मा ने कहा कि “व्यापारी आतंकवादी नहीं हैं। प्रशासन को व्यापारियों के साथ विनम्रता से पेश आना चाहिए और बातचीत के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक अधिकारी द्वारा व्यापारियों को कठोर कार्रवाई और जेल भेजने जैसी चेतावनी दी गई थी। इस पर उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया जाएगा तो व्यापारी उसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि कार्रवाई के बजाय संवाद और सहयोग की नीति अपनाई जाए।
बैठक में व्यापारियों ने यह भी कहा कि वे प्रशासन के साथ मिलकर सभी सुरक्षा एवं कानूनी मानकों का पालन करने के पक्षधर हैं, लेकिन इसके लिए प्रक्रियाओं को व्यावहारिक और सरल बनाया जाना आवश्यक है।
बैठक में वेदव्यासपुरी व्यापार संघ के अध्यक्ष योगेंद्र जाटव, संरक्षक मुकेश गुप्ता, मोहित कराहना, प्रदीप कुमार, प्रवेश यादव, सुभाष मालिक, संदीप कुमार, सोनू गुज्जर, रोहन अरोड़ा, मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा तथा जिला पंचायत सदस्य सुमित प्रधान सहित बड़ी संख्या में होटल एवं जिम संचालक उपस्थित रहे।
बैठक का समापन इस सहमति के साथ हुआ कि व्यापारी संगठन प्रशासन के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखेंगे और नियमों के अनुपालन के लिए सहयोग करेंगे। साथ ही प्रशासन से अपेक्षा की गई कि व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, जिससे व्यापारिक गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो सकें।