राष्ट्रभक्ति के सुरों से सजा तीजोत्सव कार्यक्रम
मेरठ। महिला काव्य मंच ‘मन से मंच तक’ की मेरठ इकाई की अगस्त माह की मासिक काव्य गोष्ठी स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज के उपलक्ष्य में भव्य एवं दिव्य वातावरण में आयोजित की गई। अन्नपूर्णा चैरिटेबल ट्रस्ट के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में देशभक्ति, काव्य, संगीत, सावन के गीत, कजरी, झूला गीत और तीज की उमंग का अनूठा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में महिला काव्य मंच की सदस्याओं ने देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत गीतों एवं प्रस्तुतियों के माध्यम से वातावरण को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया। वहीं सावन और तीज के पारंपरिक रंगों ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया। मंच की अधिकांश सदस्याएं हरे और लाल रंग की साड़ियों में सोलह श्रृंगार के साथ कार्यक्रम में पहुंचीं, जिससे पूरा आयोजन सावन और तीज की संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया।
अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की आयोजिका, सेवानिवृत्त जीएसटी अधिकारी एवं विख्यात शायरा कमलेश तन्हा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को विधिवत गति प्रदान की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सरोज दुबे ने की। मुख्य अतिथि के रूप में डा. मृदुला शर्मा उपस्थित रहीं, जबकि अति विशिष्ट अतिथि के रूप में राजरानी जी ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जिला उपाध्यक्ष सुषमा सवेरा का भी पावन सानिध्य प्राप्त हुआ।
राष्ट्र वंदना और देशभक्ति की प्रस्तुतियों ने जीता दिल
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण राष्ट्र वंदना रही। अंतरराष्ट्रीय गीतकार मनोज कुमार ‘मनोज’ ने अपनी राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति से उपस्थित लोगों में देशप्रेम की भावना जागृत कर दी। उनकी राष्ट्र वंदना ने कार्यक्रम में विशेष ऊर्जा और भावनात्मक वातावरण का निर्माण किया।
इसके साथ ही तरुण कलमकार मंगल सिंह ‘मंगल’ और सुरेंद्र खेड़ा सहित अन्य रचनाकारों ने काव्य पाठ किया। कवियों की रचनाओं में देशभक्ति, सामाजिक सरोकार और भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिली।

सावन के गीतों और तीज की मस्ती ने बांधा समां
स्वतंत्रता दिवस के साथ आयोजित तीजोत्सव में सावन की पारंपरिक संस्कृति का भी सुंदर प्रदर्शन हुआ। कजरी, झूला गीत, सावन के गीत, नृत्य और मनोरंजक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। महिला काव्य मंच की सदस्याओं ने पूरे उत्साह के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में तीज की पारंपरिक छटा के साथ महिलाओं की रचनात्मकता और प्रतिभा भी देखने को मिली। हरे और लाल परिधानों में सजी महिलाओं ने सोलह श्रृंगार के साथ तीजोत्सव को यादगार बना दिया।
निर्णायक मंडल ने घोषित किए तीजोत्सव के विजेता
कार्यक्रम में विभिन्न प्रस्तुतियों और तीजोत्सव से जुड़ी प्रतियोगिताओं के लिए निर्णायक मंडल की भूमिका नीलम मिश्रा एवं मालिनी द्विवेदी ने निभाई। निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बाद विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं की घोषणा की गई।
बीना जी को ‘तीज क्वीन’, रीना खेड़ा को ‘बरखा बहार’, कविता कुसुमाकर को ‘रिमझिम बहार’ तथा नीलम कुमार को ‘विनर’ घोषित किया गया। विजेताओं के नामों की घोषणा होते ही उपस्थित सदस्यों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में महिला काव्य मंच की मार्गदर्शिका रेखा गिरीश, महासचिव नंदिनी रस्तोगी ‘नेहा’, बीना मंगल, रीना खेड़ा, नीलम कुमार, तनु, अलका गुप्ता, डा. मोहिनी, कविता कुसुमाकर, रचना वानिया और विनीता मोहन सहित अनेक सदस्याओं एवं साहित्यप्रेमियों ने सहभागिता की।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय गीतकार मनोज कुमार ‘मनोज’, तरुण कलमकार मंगल सिंह ‘मंगल’, सुरेंद्र खेड़ा, अनिल कुमार श्री शर्मा, बृजभूषण गुप्ता, आईआईएमटी के चेयरमैन योगेश मोहन गुप्ता, महामंत्री श्री कृष्ण, मिथलेश कुमार, घनश्याम सहित अनेक गणमान्य विभूतियां कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
सरप्राइज गिफ्ट देकर किया गया सम्मान
कार्यक्रम को और यादगार बनाने के लिए उपस्थित प्रतिभागियों एवं सहयोगियों को सरप्राइज गिफ्ट देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आयोजन में साहित्य, संस्कृति, देशभक्ति और महिला प्रतिभा को एक साथ मंच प्रदान किया गया।
सरोज दुबे और सुषमा सवेरा ने किया संचालन
कार्यक्रम का कुशल संचालन सरोज दुबे एवं सुषमा सवेरा ने किया। दोनों ने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों को क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ाते हुए काव्य पाठ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और तीजोत्सव की प्रतियोगिताओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की आयोजिका एवं महिला काव्य मंच की वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमलेश तन्हा ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मंच की सदस्याओं और सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
आभार के साथ हुआ भव्य आयोजन का समापन
अंत में कार्यक्रम की अध्यक्ष सरोज दुबे ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, निर्णायक मंडल, कवियों, मंच की सदस्याओं और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और साहित्यिक चेतना को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं।
राष्ट्रभक्ति के स्वरों, सावन के गीतों, कजरी की मिठास, तीज की उमंग और साहित्यिक प्रस्तुतियों से सजा महिला काव्य मंच का यह आयोजन भव्यता एवं दिव्यता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।