राज़ुद्दीन गादरे
नई दिल्ली/लखनऊ। बहुजन मुक्ति पार्टी (BMP) की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं उत्तर प्रदेश और दिल्ली प्रदेश प्रभारी राजुद्दीन गादरे ने संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों, शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। पार्टी ने अपने राजनीतिक एजेंडे को “बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” की भावना से जोड़ते हुए संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती को अपनी प्राथमिकता बताया।
प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी की ओर से “जय संविधान, जय मूलनिवासी”, “जय भीम, जय भारत, जय संविधान” जैसे नारों के साथ संविधान एवं सामाजिक समानता के मुद्दों को जनता के बीच मजबूती से उठाने का संकल्प व्यक्त किया गया।
राजुद्दीन गादरे ने कहा कि पार्टी की लड़ाई केवल सत्ता परिवर्तन की नहीं, बल्कि संविधान, शिक्षा, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक न्याय और समान अवसरों की रक्षा के लिए है।
संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का मुद्दा
बहुजन मुक्ति पार्टी ने कहा कि भारत का संविधान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल आधार है और इसके मूल्यों की रक्षा प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।
पार्टी के अनुसार संविधान नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता, न्याय और मौलिक अधिकारों की गारंटी देता है। ऐसे में राजनीतिक एवं सामाजिक विमर्श में संवैधानिक मूल्यों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
राजुद्दीन गादरे ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए संस्थाओं की स्वतंत्रता, पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही आवश्यक है।
“शैक्षणिक और वैज्ञानिक संस्थानों को मजबूत करें”
प्रेस वार्ता में शिक्षा और वैज्ञानिक संस्थानों को लेकर भी पार्टी ने अपना पक्ष रखा। गादरे ने कहा कि देश के विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और वैज्ञानिक संस्थाओं को मजबूत किया जाना चाहिए, न कि उन्हें कमजोर करने वाली परिस्थितियां पैदा की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश की प्रगति उसके वैज्ञानिक अनुसंधान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और तार्किक सोच पर निर्भर करती है।
पार्टी ने शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं बल्कि सामाजिक एवं वैज्ञानिक चेतना विकसित करने का महत्वपूर्ण साधन बताया।
अंधविश्वास और पाखंड की राजनीति का विरोध
बहुजन मुक्ति पार्टी ने राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन में अंधविश्वास, नफरत और पाखंड के बढ़ते प्रभाव का विरोध किया।
राजुद्दीन गादरे ने कहा कि समाज को वैज्ञानिक सोच और तर्क के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं की सार्वजनिक बयानबाजी का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है, इसलिए सार्वजनिक मंचों से जिम्मेदार और तथ्यपरक बातें की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या नफरत को बढ़ावा देने वाले बयानों से सामाजिक तनाव पैदा होने की आशंका रहती है।
केशव प्रसाद मौर्य के बयानों पर गादरे का निशाना
प्रेस वार्ता के दौरान राजुद्दीन गादरे ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षित सीट से चुनाव जीतकर सत्ता में पहुंचे कुछ नेता बहुजन समाज के हितों और संविधान की मूल भावना के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं।
गादरे ने केशव प्रसाद मौर्य पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे ऐसे बयान देते रहे हैं, जिन्हें बहुजन मुक्ति पार्टी संविधान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक न्याय के हित में नहीं मानती।
उन्होंने दावा किया कि इस प्रकार की बयानबाजी से समाज में भ्रम और तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है।
हालांकि, ये आरोप बहुजन मुक्ति पार्टी और राजुद्दीन गादरे के राजनीतिक आरोप हैं। इन आरोपों के समर्थन में पार्टी की ओर से प्रेस वार्ता के दौरान कोई स्वतंत्र दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत किए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। केशव प्रसाद मौर्य का पक्ष इस बयान में शामिल नहीं है।
“जनता सब देख रही है, अब जवाब देगी”
गादरे ने कहा कि जनता राजनीतिक दलों और नेताओं के बयानों एवं कार्यों को लगातार देख रही है। उन्होंने कहा कि अब जनता केवल नारों के आधार पर निर्णय नहीं करेगी, बल्कि संविधान, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और मूलभूत अधिकारों के मुद्दों पर राजनीतिक दलों का मूल्यांकन करेगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है और जनता को अपने प्रतिनिधियों से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है।
सामाजिक न्याय और समान अवसर पर जोर
बहुजन मुक्ति पार्टी ने प्रेस वार्ता में सामाजिक न्याय और समान अवसर को अपने प्रमुख मुद्दों में शामिल किया।
पार्टी के अनुसार समाज के प्रत्येक वर्ग को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं तक समान पहुंच मिलनी चाहिए। सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना जरूरी है।
गादरे ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समान सम्मान, अवसर और अधिकार मिलेंगे।
जनता के मुद्दों पर जवाबदेही और पारदर्शिता
पार्टी ने सरकार और सार्वजनिक संस्थाओं से जनता के प्रति अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
गादरे के मुताबिक सरकारी नीतियों, योजनाओं और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल को लेकर जनता को पर्याप्त जानकारी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल करना नागरिकों का अधिकार है और सवाल पूछने वालों को विरोधी मानने के बजाय जवाबदेही की भावना से काम किया जाना चाहिए।
“भारत का संविधान हमारा मार्गदर्शक”
प्रेस वार्ता के दौरान बहुजन मुक्ति पार्टी ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि पार्टी संविधान की रक्षा, शिक्षा को मजबूत करने, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और मूलनिवासी अधिकारों के लिए राजनीतिक एवं सामाजिक स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।
पार्टी ने कहा कि उसका लक्ष्य ऐसा भारत बनाना है जहां न्याय, समानता, शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और संवैधानिक अधिकार समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचें।
पार्टी ने जारी किया अपना संकल्प
बहुजन मुक्ति पार्टी की ओर से प्रेस वार्ता में कहा गया कि—
“हम संविधान बचाएंगे, शिक्षा बचाएंगे, वैज्ञानिक सोच को बढ़ाएंगे, मूलनिवासियों के अधिकार दिलाएंगे और एक न्यायपूर्ण तथा समानता वाले भारत का निर्माण करेंगे।”
पार्टी ने कहा कि देश के विकास के लिए संविधान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करना आवश्यक है।
“देश सबसे ऊपर, संविधान हमारा मार्गदर्शक”
राजुद्दीन गादरे ने कहा कि राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर देश और संविधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने नागरिकों से संविधान के मूल्यों को समझने और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, विज्ञान और संवैधानिक चेतना के माध्यम से ही समाज को अंधविश्वास, भेदभाव और नफरत से बाहर निकाला जा सकता है।
प्रेस वार्ता का समापन पार्टी के नारों के साथ हुआ—
- जय इंसान।
- जय विज्ञान।
- जय भारत।
- जय संविधान।
- जय मूलनिवासी।