संजय उर्फ संजीव ( फाइल फोटो)
लखनऊ। प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर संजय उर्फ संजीव एनकाउंटर में मारा गया है। शनिवार तड़के पुलिस ने उसकी घेराबंदी की तो उसने STF पर कार्बाइन से फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में ढेर हो गया। मुठभेड़ इंदिरा कैनाल रोड पर हुई।
संजीव ने 27 मई को दिनदाहड़े प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की थी। प्रॉपर्टी डीलर अपने ऑफिस के सामने मोबाइल पर बात कर रहे थे, तभी संजय उर्फ संजीव ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। उस पर पुलिस ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था।
STF को सूचना मिली थी कि संजीव दिरा कैनाल रोड के पास है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिंह ने टीम के साथ संजीव की घेराबंदी की। खुद को घिरता देखकर बदमाश पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने लगा।
पुलिस ने उसका पीछा किया। जवाबी कार्रवाई में संजीव को गोली लग गई। वह गिर पड़ा। इसके बाद STF के जवान संजीव को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
संजीव अंबेडकरनगर के अहिरौली थाना क्षेत्र के चक कोदार गांव का रहने वाला था। उसके खिलाफ अंबेडकरनगर, बस्ती, अयोध्या और लखनऊ समेत कई जिलों में मुकदमे दर्ज थे। वह अंबेडकर नगर में एक्टिव खान मुबारक और दिलीप वर्मा गैंग के लिए भी काम करता था।
प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह (42) 27 मई को दोपहर 12 से 12:30 बजे के बीच ड्राइवर प्रदीप सिंह के साथ पीजीआई थानाक्षेत्र स्थित अपने ऑफिस पहुंचे थे। संदीप कार से उतरकर ऑफिस की ओर बढ़ ही रहे थे, तभी बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे।
इसी दौरान सफेद शर्ट और नीली जींस पहने बदमाश उनके पास आता है और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर देता है। पहली गोली सीने के पास लगते ही संदीप सड़क पर गिर पड़ते हैं। इसके बाद भी बदमाश लगातार फायरिंग करता रहता है। आखिरी गोली संदीप के सिर के पास मारता है।
वारदात को अंजाम देते समय एक बदमाश अपाचे बाइक स्टार्ट किए पहले से खड़ा था। संदीप को कई गोलियां मारने वाला दूसरा बदमाश दौड़ते हुए बाइक पर बैठा, जिसके बाद दोनों फरार हो गए। बाइक चला रहा बदमाश हेलमेट लगाए हुए था, जबकि पीछे बैठे हमलावर ने अपना मुंह सफेद गमछे से बांध रखा था।
आसपास के लोगों ने प्रॉपर्टी डीलर को अपेक्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह मूल रूप से जौनपुर के टकारी गांव के रहने वाले थे। वह वृंदावन योजना में कालिंदी पार्क के पास परिवार के साथ रहते थे। परिवार में पत्नी प्रीति सिंह (40), बेटा सार्थक सिंह (11) और बेटी सीवी सिंह (9) हैं। उनके बड़े भाई सतीश सिंह गांव में ही रहते हैं।
संदीप 2008 से लखनऊ में अपने बड़े पिता राजेंद्र प्रसाद सिंह के साथ रहने लगे थे। राजेंद्र सरकारी इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल थे। यहीं रहकर संदीप ने प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू किया था। डेढ़ साल पहले उन्होंने कल्ली पश्चिम बाजार के यादव कॉम्प्लेक्स में पीएसएस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से ऑफिस खोला था।