लेफ्टिनेंट शनन ढाका को सम्मानित करते पुलिस आयुक्त पंकज नैन
पंचकूला। देश सेवा, समर्पण और कठिन परिश्रम की मिसाल बन चुकीं लेफ्टिनेंट शनन ढाका को पंचकूला पुलिस ने सम्मानित किया। भारतीय सेना में अधिकारी बनने के बाद पहली बार पंचकूला पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचीं शनन ढाका का पुलिस आयुक्त पंकज नैन सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने भव्य स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
शनन ढाका, पंचकूला पुलिस आयुक्त कार्यालय में कार्यरत स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) विजय कुमार की पुत्री हैं। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा वर्ष 2021 में आयोजित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक-10 प्राप्त की थी। इतना ही नहीं, लड़कियों की श्रेणी में उन्होंने पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया था।
यह उपलब्धि इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जाती है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय के बाद पहली बार लड़कियों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश का अवसर मिला था। इसी पहले बैच का हिस्सा बनीं शनन ढाका ने अपने पहले ही प्रयास में यह असाधारण सफलता प्राप्त कर देशभर की बेटियों के लिए नई प्रेरणा स्थापित की।
चार वर्षों के कठिन सैन्य प्रशिक्षण के बाद 13 जून को देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के दौरान शनन ढाका भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन हुईं। इसके साथ ही उन्होंने अपने परिवार की तीन पीढ़ियों से चली आ रही देश सेवा की गौरवशाली परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
पंचकूला पुलिस आयुक्त कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान पुलिस आयुक्त पंकज नैन ने लेफ्टिनेंट शनन ढाका को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शनन की उपलब्धि केवल उनके परिवार की नहीं बल्कि पूरे पंचकूला, हरियाणा और देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शनन भारतीय सेना में पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ राष्ट्र सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेंगी।
इस अवसर पर डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता तथा डीसीपी क्राइम एवं ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने भी शनन ढाका को पुष्पगुच्छ एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। अधिकारियों ने कहा कि शनन ढाका की सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर मेहनत और समर्पण से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उनकी उपलब्धि देश की लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
तीन पीढ़ियों से देश सेवा की मिसाल
हरियाणा के रोहतक जिले के सुंडाना गांव की रहने वाली शनन ढाका ऐसे परिवार से संबंध रखती हैं, जिसकी तीन पीढ़ियां भारतीय सेना और सुरक्षा सेवाओं से जुड़ी रही हैं। उनके दादा चंद्रभान ढाका भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके पिता विजय कुमार भी भारतीय सेना में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में पंचकूला पुलिस में स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं उनकी बड़ी बहन जोनून ढाका भारतीय सेना की मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में कैप्टन के पद पर कार्यरत हैं।
ऐसे गौरवशाली सैन्य परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए लेफ्टिनेंट शनन ढाका ने भारतीय सेना में अधिकारी बनकर न केवल अपने परिवार का सम्मान बढ़ाया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि आज देश की बेटियां हर चुनौती का सामना करते हुए राष्ट्र सेवा के सर्वोच्च दायित्व निभाने में पूरी तरह सक्षम हैं।
लेफ्टिनेंट शनन ढाका की यह उपलब्धि युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन तथा अटूट आत्मविश्वास के बल पर किसी भी बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।