सोनमवांचुक से अस्पताल में मुलाकात करते, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह
नई दिल्ली। देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में अपना अनशन समाप्त कर दिया है। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देर रात जारी किए गए वीडियो संदेश के बाद लिया गया।
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री के संदेश के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लीक के मामलों को सरकार गंभीरता से ले रही है और इस विषय पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आश्वासन दिया कि अगली कैबिनेट बैठक में पेपर लीक के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अगले सप्ताह संसद में भी पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा होगी, जहां सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा और आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक सुधारों पर निर्णय लिया जा सकता है।
विरोध प्रदर्शन के बीच आया बड़ा घटनाक्रम
हाल के दिनों में विभिन्न राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं को लेकर छात्रों और युवाओं में व्यापक नाराजगी देखने को मिली। कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई गई। इसी क्रम में सोनम वांगचुक भी छात्रों की मांगों के समर्थन में अनशन पर बैठे थे।
प्रधानमंत्री के सार्वजनिक आश्वासन के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला लिया।
सरकार की अगली कार्रवाई पर नजर
अब देशभर के छात्रों, अभ्यर्थियों और शिक्षा जगत की निगाहें केंद्र सरकार की आगामी कैबिनेट बैठक और संसद में होने वाली चर्चा पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान, तकनीकी सुरक्षा उपाय और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है।