बसों से जल्दी अपने गंतव्य की ओर जाने को लेकर सवारियों में रही अफरा, तफरी
मेरठ। रक्षाबंधन के पर्व पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेरठ में रोडवेज बसों और दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन का संचालन बढ़ाया जा रहा है। शुक्रवार सुबह से ही शहर के प्रमुख बस अड्डों पर यात्रियों की भीड़ देखने को मिल रही है। बहनों के मायके जाने और परिवारों के त्योहार पर आवागमन के कारण बसों में सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ी हुई है।
भैंसाली बस डिपो पर सुबह से उमड़ रही भीड़
मेरठ के भैंसाली बस डिपो पर शुक्रवार सुबह से ही बड़ी संख्या में यात्री पहुंच रहे हैं। बसों में सीट पाने के लिए यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन रही है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को हो रही है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी मौके पर तैनात हैं और यात्रियों को कतार में लगाकर बसों में व्यवस्थित तरीके से बैठाया जा रहा है।
महिलाओं और बच्चों को भीड़ में परेशानी न हो, इसके लिए उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। रक्षाबंधन के चलते बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए मायके जा रही हैं, जिसके कारण बस अड्डों पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

एसपी सिटी ने भैंसाली डिपो का किया निरीक्षण
भैंसाली बस डिपो पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले शुक्रवार को मौके पर पहुंचते हैं। उन्होंने बस अड्डे का निरीक्षण कर यात्रियों की भीड़, बसों के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभालने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एसपी सिटी के निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मी यात्रियों को कतार में लगाने और बसों में व्यवस्थित तरीके से बैठाने की व्यवस्था करते नजर आते हैं। महिलाओं और बच्चों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
हर पांच मिनट में बस उपलब्ध कराने की कोशिश
रक्षाबंधन पर यात्रियों की बढ़ी संख्या को देखते हुए रोडवेज ने भीड़ वाले रूटों पर बसों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाए हैं। अधिकारियों के अनुसार विभिन्न रूटों पर यात्रियों की संख्या के हिसाब से चार से छह अतिरिक्त फेरे लगाए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बसों का संचालन भी किया जा रहा है।
यात्रियों को अधिक देर तक बस का इंतजार न करना पड़े, इसके लिए रूटवार निगरानी की जा रही है। जिन मार्गों पर यात्रियों की भीड़ अधिक है, वहां बसों के फेरे बढ़ाए जा रहे हैं। रोडवेज की ओर से यात्रियों को करीब हर पांच मिनट में बस उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
दिल्ली, गाजियाबाद और आसपास के रूटों पर ज्यादा भीड़
रक्षाबंधन के कारण दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और बुलंदशहर जाने वाले रूटों पर यात्रियों की संख्या अधिक है। इन मार्गों के अलावा आसपास के अन्य रूटों पर भी यात्रियों की आवाजाही बढ़ी हुई है।
रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की संख्या पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी रूट पर अचानक भीड़ बढ़ने की स्थिति में वहां अतिरिक्त बस या अतिरिक्त फेरा लगाया जा रहा है।
महिलाओं और एक यात्री को मुफ्त यात्रा की सुविधा
रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है। महिला के साथ एक यात्री को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा मिल रही है। इस सुविधा का बड़ी संख्या में महिलाएं लाभ उठा रही हैं।
मुफ्त यात्रा की सुविधा के चलते भी रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ी हुई है। अधिकारियों की ओर से त्योहार के दौरान यात्रियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
नमो भारत में भी बढ़ी यात्रियों की संख्या
दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन में भी रक्षाबंधन के चलते यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए NCRTC की ओर से अतिरिक्त संचालन किया जा रहा है।
नमो भारत ट्रेन करीब हर आठ मिनट में उपलब्ध हो रही है। यात्रियों की सुविधा के लिए 47 अतिरिक्त ट्रिप चलाई जा रही हैं। इससे दिल्ली और मेरठ के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिल रहे हैं और स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिल रही है।
त्योहार के दौरान लगातार निगरानी
रक्षाबंधन के दौरान यात्रियों की संख्या और बढ़ने की संभावना को देखते हुए रोडवेज और पुलिस की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिस रूट पर जैसी जरूरत होगी, उसी के अनुसार बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे।
रोडवेज और पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि त्योहार के दौरान यात्रियों को बस या ट्रेन के लिए ज्यादा देर तक इंतजार न करना पड़े। साथ ही महिलाओं, बच्चों और अन्य यात्रियों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके।