धरना देते शिक्षणेत्तर कर्मचारी
मेरठ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर कर्मचारी एसोसिएशन के प्रांतीय आह्वान पर गुरुवार को मेरठ मंडल के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व एसोसिएशन के प्रभारी मंडलीय मंत्री शशिकांत शर्मा ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी चौधरी चरण सिंह पार्क में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में धरना दिया।
धरना-प्रदर्शन के उपरांत कर्मचारियों ने मंडलायुक्त मेरठ के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के नाम 11 सूत्रीय मांगपत्र प्रेषित किया। कर्मचारियों ने मांग की कि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को शीघ्र कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को अप्रैल 2026 से संशोधित बढ़ा हुआ वेतन तत्काल प्रभाव से दिया जाए।
सरकार की नीतियों पर जताई नाराजगी
धरने के दौरान कर्मचारियों ने सरकार की कथित भेदभावपूर्ण नीतियों का विरोध करते हुए जोरदार नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारी लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो संगठन प्रदेश स्तर पर आंदोलन को और तेज करेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर उत्तर प्रदेश विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा।
इन नेताओं ने किया संबोधित
धरना-प्रदर्शन को मंडल अध्यक्ष भूपेश राणा, संजय कुमार, नीरज तेवतिया, शैलेन्द्र सिंह, अमरीश चौहान, वीरेन्द्र सिंह, कृष्णकांत शर्मा, महेन्द्र सिंह, अमित कुमार, सतेन्द्र चौहान, राखी त्यागी, नीरज शर्मा, राकेश चौधरी, रमेश चन्द्र, शीशपाल सिंह, पंकज शर्मा, गौरव कुमार, चन्द्रपाल सिंह, सुनील जायसवाल, प्रवीन गुप्ता, मिन्दु सिंह रामजैनवाल, लज्जाराम, सुशील, नीरज आत्रे, गोपाल सिंह, सुधांशु, भोला प्रसाद, कपिल त्यागी सहित अनेक पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगा।
सैकड़ों कर्मचारियों ने लिया भाग
धरना-प्रदर्शन में मेरठ मंडल के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने भाग लिया। कर्मचारियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए संगठन की मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और सरकार से शीघ्र समाधान की अपेक्षा जताई।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है तथा सरकार से संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान चाहते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय करेगी।