अधिवक्ता सभा ने आरोपी पर एफ.ई.आर की मांग की
मेरठ। समाजवादी पार्टी अधिवक्ता सभा के महानगर अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल वर्मा ने सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav की पुत्री अदिति यादव के संबंध में कथित रूप से झूठी और मानहानिकारक पोस्ट प्रसारित किए जाने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ को शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने मामले में संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अनिल वर्मा द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, 10 जून 2026 को उन्हें जानकारी मिली कि फेसबुक समेत विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ व्यक्तियों द्वारा अदिति यादव का नाम और फोटो इस्तेमाल कर आपत्तिजनक एवं भ्रामक सामग्री प्रसारित की जा रही है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन पोस्टों के माध्यम से न केवल अदिति यादव बल्कि समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय नेतृत्व की छवि को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
छह लोगों के खिलाफ शिकायत
एसएसपी को दिए गए शिकायती पत्र में छह व्यक्तियों के नामों का उल्लेख किया गया है। इनमें रूमा सिंह, राजीव पांडेय, नागेश्वर सिंह बघेल, बसंत बेहेती, भारत कुमार पटेल और नेहा पटेल शामिल हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन लोगों ने सोशल मीडिया पर ऐसे संदेश साझा किए हैं जिनमें अदिति यादव को लेकर गंभीर और विवादित दावे किए गए हैं।
पोस्ट को बताया पूरी तरह भ्रामक
समाजवादी अधिवक्ता सभा की ओर से कहा गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही सामग्री पूरी तरह से असत्य, भ्रामक और मानहानिकारक है। शिकायत में कहा गया है कि बिना किसी तथ्यात्मक आधार के इस प्रकार की सामग्री प्रसारित करना न केवल किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है बल्कि समाज में भ्रम और गलत सूचना भी फैलाता है।
कानूनी कार्रवाई की मांग
अनिल वर्मा ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की साइबर जांच कराई जाए और सोशल मीडिया पर कथित फर्जी एवं मानहानिकारक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ भारतीय कानून की संबंधित धाराओं तथा साइबर अपराध से जुड़े प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी व्यक्ति की छवि धूमिल करने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
पुलिस से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा
शिकायतकर्ता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर बढ़ती फेक न्यूज और भ्रामक पोस्टों पर प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।