शोषित क्रांति दल के नेता अजब सिंह को किया हाउस अरेस्ट
हापुड़। शोषित क्रांति दल की हापुड़ इकाई ने आरोप लगाया है कि मेरठ में ललित गौतम के परिवार एवं समाज के लोगों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने संगठन के कार्यकर्ताओं को उनके घरों में ही रोक दिया। संगठन का कहना है कि वरिष्ठ कार्यकर्ता अजब सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया।
शोषित क्रांति दल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संगठन के कार्यकर्ता मंगलवार को हापुड़ में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपने वाले थे। ज्ञापन के माध्यम से मेरठ में हुई घटना की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की जानी थी।
संगठन का आरोप है कि जैसे ही पुलिस प्रशासन को प्रस्तावित प्रदर्शन की जानकारी मिली, पुलिस टीम वरिष्ठ कार्यकर्ता अजब सिंह के आवास पर पहुंच गई। इसके बाद उन्हें और उनके साथ मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं को घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। संगठन ने इसे “हाउस अरेस्ट” की कार्रवाई बताते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया।
शोषित क्रांति दल का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और विरोध प्रदर्शन को रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। संगठन ने मांग की कि भविष्य में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों में अनावश्यक प्रशासनिक हस्तक्षेप न किया जाए तथा नागरिकों को अपनी बात रखने का अवसर मिले।
संगठन ने यह भी कहा कि वह मेरठ की घटना को लेकर अपनी आवाज आगे भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से उठाता रहेगा तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग जारी रखेगा।