सोनम वांगचुक
नई दिल्ली। प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक, इंजीनियर और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 17वें दिन उनके स्वास्थ्य में गिरावट की खबर सामने आई है। आयोजकों के अनुसार लगातार उपवास के कारण उनका वजन 8 किलोग्राम से अधिक कम हो गया है और शरीर में कमजोरी तेजी से बढ़ रही है।
स्वास्थ्य बुलेटिन में जताई गई चिंता
आयोजकों द्वारा जारी स्वास्थ्य अपडेट के अनुसार, सोनम वांगचुक का वजन करीब 8.2 से 8.5 किलोग्राम तक घट चुका है। उनका ब्लड शुगर स्तर लगभग 67 mg/dL दर्ज किया गया है, जिसे सामान्य से कम माना जाता है। लगातार उपवास के कारण उनके शरीर में कमजोरी बढ़ रही है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य देखा जा रहा है।
अनशन समाप्त करने से किया इनकार
स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद उनका मनोबल मजबूत है और वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे।
नेताओं और समर्थकों ने की अपील
वांगचुक की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनसे स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की है। आयोजकों ने भी कहा है कि उनकी स्थिति लगातार कमजोर हो रही है और सरकार को उनकी मांगों पर शीघ्र संवाद करना चाहिए।
क्यों कर रहे हैं भूख हड़ताल?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आंदोलन में परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों, कथित परीक्षा अनियमितताओं तथा अन्य सार्वजनिक मांगों को लेकर केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग की जा रही है।
डॉक्टरों की निगरानी में इलाज
आयोजकों का कहना है कि चिकित्सकों की एक टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। हालांकि, यदि उनकी स्थिति और बिगड़ती है तो चिकित्सकीय हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ सकती है। फिलहाल उनकी हालत को लेकर चिंता बनी हुई है।