जगन्नाथ मंदिर में प्रशासन की सख्ती अस्थाई पुजारी कराएंगे पूजा
मेरठ। मेरठ के ऐतिहासिक भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर में 17 सितंबर 2026 को होने वाली भगवान श्री बलराम की छठ पूजा को लेकर प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंदिर से जुड़े दो पक्षों के बीच विवाद की आशंका को देखते हुए थाना सदर बाजार में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ मंदिर के रिसीवर तहसीलदार सदर तथा मंदिर समिति के गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।
पीस कमेटी की बैठक में लिया गया निर्णय
थाना सदर बाजार में आयोजित बैठक में अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम, क्षेत्राधिकारी कैंट, तहसीलदार सदर और थाना सदर बाजार के प्रभारी निरीक्षक मौजूद रहे। बैठक में मंदिर की व्यवस्था, भगवान श्री बलराम की छठ पूजा तथा दोनों पक्षों द्वारा प्रसाद अर्पित किए जाने के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि मंदिर के वर्तमान अस्थायी पुजारी श्री अश्वनी शर्मा द्वारा ही भगवान श्री बलराम की छठ पूजा की धार्मिक प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। दोनों पक्षों की ओर से भगवान को अर्पित किए जाने वाले प्रसाद को भी अस्थायी पुजारी द्वारा नियमानुसार और पूरे अनुष्ठान के साथ भगवान को अर्पित कराया जाएगा।
किसी भी पक्ष को गर्भगृह में बैठकर अलग से अनुष्ठान की अनुमति नहीं
प्रशासन की ओर से तय व्यवस्था के अनुसार मंदिर में किसी भी पक्षकार द्वारा बैठकर अलग से किसी प्रकार का अनुष्ठान नहीं किया जाएगा। साथ ही प्रसाद अर्पित करने के दौरान एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष को रोकने, टोकने या किसी प्रकार की हूटिंग करने पर भी रोक रहेगी।
प्रशासन का उद्देश्य पूजा के दौरान दोनों पक्षों को धार्मिक आयोजन में शामिल होने का अवसर देते हुए किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति उत्पन्न होने से रोकना है। इसके लिए मंदिर परिसर में निर्धारित समय के अनुसार दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग स्लॉट तय किए गए हैं।

गणेश दत्त शर्मा पक्ष को दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक समय
बैठक में तय कार्यक्रम के अनुसार पंडित गणेश दत्त शर्मा पक्ष द्वारा भगवान श्री बलराम को प्रसाद दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक अर्पित किया जाएगा। निर्धारित समय समाप्त होने के बाद संबंधित पक्ष को मंदिर परिसर पूरी तरह खाली करना होगा, ताकि दूसरे पक्ष को बिना किसी व्यवधान के प्रसाद अर्पित करने का अवसर मिल सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय की इस व्यवस्था का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच आमना-सामना और संभावित विवाद की स्थिति को रोकना है।
मंदिर समिति को 1:45 से 2:45 बजे तक प्रसाद अर्पित करने का समय
पहले पक्ष के मंदिर परिसर से बाहर जाने के बाद दोपहर 1:45 बजे से 2:45 बजे तक मंदिर समिति के सदस्य भगवान श्री बलराम को प्रसाद अर्पित करेंगे। इस दौरान समिति की ओर से श्री राजेंद्र वर्मा, श्री विजय गोयल, श्री गणेश अग्रवाल आदि द्वारा प्रसाद अर्पित किया जाएगा।
दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किए जाने से प्रशासन को उम्मीद है कि बलदेव छठ का धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होगा और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
पूरे दिन गर्भगृह में मौजूद रहेंगे अस्थायी पुजारी अश्वनी शर्मा
प्रशासन ने वर्तमान अस्थायी पुजारी अश्वनी शर्मा को विशेष निर्देश भी दिए हैं। उन्हें कहा गया है कि पूजा के दौरान जब एक पक्ष मंदिर में प्रसाद अर्पित कर रहा हो, उस समय दूसरे पक्ष को आमंत्रित न किया जाए। इसके अलावा अस्थायी पुजारी को पूरे दिन मंदिर के गर्भगृह में स्वयं उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्थायी पुजारी की मौजूदगी में दोनों पक्षों द्वारा लाए गए प्रसाद को नियमानुसार भगवान को अर्पित कराया जाएगा। इस व्यवस्था के माध्यम से प्रशासन धार्मिक अनुष्ठान की प्रक्रिया को नियंत्रित और शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।
समय-स्लॉट व्यवस्था से विवाद टालने की कोशिश
मंदिर से जुड़े दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पूजा के दौरान आमने-सामने की स्थिति न बनने देने के लिए समय-स्लॉट की व्यवस्था लागू की है। एक पक्ष के प्रसाद अर्पित करने के बाद मंदिर परिसर खाली करने और दूसरे पक्ष के लिए प्रवेश का प्रावधान किया गया है।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने बैठक के दौरान सभी पक्षों से सहयोग की अपेक्षा की है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि भगवान श्री बलराम की छठ पूजा धार्मिक परंपराओं के अनुरूप और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो।
प्रशासन की अपील – शांति और व्यवस्था बनाए रखने में करें सहयोग
बलदेव छठ के अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से निर्धारित व्यवस्था का पालन करने और शांति बनाए रखने में सहयोग करने की अपेक्षा की है। अधिकारियों का कहना है कि पूजा के दौरान किसी भी प्रकार की नारेबाजी, हूटिंग, रोक-टोक या विवाद की स्थिति पैदा नहीं होने दी जाएगी।
इस पूरी व्यवस्था के केंद्र में वर्तमान अस्थायी पुजारी अश्वनी शर्मा रहेंगे, जो दोनों पक्षों की ओर से अर्पित किए जाने वाले प्रसाद को भगवान श्री बलराम को नियमानुसार अर्पित कराएंगे। निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार आयोजन संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी भी सुनिश्चित की जाएगी।