नये शिक्षा सत्र के शुभारंभ के अवसर पर बच्चों को तिलक लगाकर सम्मानित करती शिक्षिकाएं
मेरठ। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ शास्त्री नगर स्थित बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों का भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुरूप भव्य स्वागत किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित स्वागत समारोह के दौरान बच्चों के माथे पर रोली-चंदन का तिलक लगाया गया, पुष्प वर्षा की गई तथा उन्हें नए सत्र की शुभकामनाएं देकर आत्मीय वातावरण में विद्यालय में प्रवेश कराया गया।
प्रातः 7:30 बजे विद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रधानाचार्य, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार ने छात्र-छात्राओं का मुस्कुराते हुए स्वागत किया। लंबे ग्रीष्मावकाश के बाद विद्यालय पहुंचे बच्चों के चेहरों पर उत्साह और उमंग साफ दिखाई दे रही थी। शिक्षकों ने प्रत्येक विद्यार्थी से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी छुट्टियों के अनुभवों के बारे में पूछा। बच्चों ने भी अपने भ्रमण, खेलकूद, नई गतिविधियों तथा दादा-दादी और परिवार के साथ बिताए गए यादगार पलों को उत्साहपूर्वक साझा किया।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। मुख्य द्वार से लेकर कक्षाओं तक आकर्षक रंगोली, वंदनवार और स्वागत संदेशों से विद्यालय का वातावरण पूरी तरह उत्सवमय दिखाई दिया। सजावट ने विद्यार्थियों में नए सत्र के प्रति उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रभात कुमार गुप्ता ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि एक परिवार है, जहां प्रत्येक विद्यार्थी परिवार का अभिन्न सदस्य होता है। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मावकाश के बाद सभी विद्यार्थियों का पुनः स्वागत करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। नया शैक्षणिक सत्र नई आशाओं, नए लक्ष्यों और नई उपलब्धियों का सत्र होगा। अनुशासन, संस्कार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समन्वय से सभी विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता प्राप्त करेंगे और विद्यालय का नाम रोशन करेंगे।
उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित दिनचर्या अपनाने, समय का सदुपयोग करने, स्वाध्याय की आदत विकसित करने तथा शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कारों को जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने अभिभावकों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने ग्रीष्मावकाश के दौरान बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखकर उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विद्यालय की कोऑर्डिनेटर श्रीमती अंजली अग्रवाल, वरिष्ठ आचार्य श्री दिनेश कुमार, श्री संदीप कुमार शर्मा तथा श्रीमती मीनाक्षी वर्मा सहित समस्त शिक्षकों ने विद्यार्थियों को तिलक लगाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं दीं। श्रीमती अंजली अग्रवाल ने कहा कि विद्यालय का पहला दिन बच्चों के मन में विद्यालय के प्रति सकारात्मक भावना और आत्मीय जुड़ाव विकसित करने का अवसर होता है। इसलिए विद्यालय परिवार ने इस दिन को विशेष और यादगार बनाने का प्रयास किया।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि भारतीय संस्कृति में तिलक लगाकर स्वागत करना सम्मान, शुभता और अपनत्व का प्रतीक माना जाता है। लंबे अंतराल के बाद विद्यालय लौटने वाले बच्चों का इस प्रकार स्वागत करने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है तथा विद्यालय के प्रति अपनापन और सकारात्मक सोच विकसित होती है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कक्षाओं में ‘मेरी छुट्टियां’ विषय पर संवाद सत्र आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने चित्रों, कहानियों और रोचक अनुभवों के माध्यम से अपने अवकाश की यादें साझा कीं। पहले दिन को आनंददायक बनाने के उद्देश्य से खेलकूद, संगीत, प्रेरक कहानियों और रचनात्मक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ। प्रधानाचार्य श्री प्रभात कुमार गुप्ता ने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और अभिभावकों का सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि विद्यालय परिवार नए शैक्षणिक सत्र में शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।
विद्यालय में आयोजित यह स्वागत समारोह विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक और यादगार रहा। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि संस्कार, आत्मीयता और सर्वांगीण विकास का केंद्र भी है, जहां प्रत्येक विद्यार्थी का स्वागत परिवार के सदस्य की तरह किया जाता है।