सरस्वती शिशु मंदिर में धूमधाम से मनाया गया राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस
मेरठ। शास्त्री नगर स्थित बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को चिकित्सकों की समाज सेवा, त्याग, समर्पण और मानव जीवन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका से परिचित कराना था। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से चिकित्सकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने चिकित्सकों को समर्पित स्वागत गीत, कविता पाठ और प्रेरणादायक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि चिकित्सक केवल रोगों का उपचार ही नहीं करते, बल्कि समाज को स्वस्थ और सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय की वरिष्ठ अध्यापिका श्रीमती कविता बंसल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि भारत में प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को महान चिकित्सक एवं भारत रत्न की स्मृति में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को धरती का भगवान इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे कठिन परिस्थितियों में भी मानव जीवन बचाने के लिए निरंतर कार्य करते हैं। कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उस कठिन दौर में चिकित्सकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना दिन-रात मरीजों की सेवा की और लाखों लोगों को नया जीवन दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस हमें उनके समर्पण, धैर्य और निस्वार्थ सेवा के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।
श्रीमती कविता बंसल ने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने और प्राथमिक उपचार के महत्व की भी जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य संबंधी अनेक प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने सरल एवं रोचक तरीके से उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य सुरेंद्र कुमार शर्मा ने किया। उन्होंने मंच संचालन के साथ चिकित्सक दिवस से जुड़े प्रेरक प्रसंग सुनाते हुए विद्यार्थियों को सेवा, करुणा और मानवता के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रभात कुमार गुप्ता ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार और सामाजिक चेतना का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में सेवा भाव, संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने मुख्य वक्ता, समस्त आचार्यगण एवं विद्यार्थियों का कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने समाज की सेवा में समर्पित चिकित्सकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का संकल्प लिया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।