हाउस अरेस्ट सुदीप जैन
मेरठ, 21 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेरठ आगमन के दौरान जनता की समस्याएं उनके समक्ष रखने के लिए मुलाकात का समय मांगने के बाद हाउस अरेस्ट किए जाने को लेकर सुदीप जैन ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ के हजारों घरों, परिवारों और व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर शासन-प्रशासन से लगातार आग्रह किया जा रहा था कि मुख्यमंत्री के मेरठ दौरे के दौरान एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल को उनसे मुलाकात का अवसर दिया जाए, ताकि जनता की समस्याएं सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जा सकें।
मध्य रात्रि में हाउस अरेस्ट किए जाने पर सवाल
सुदीप जैन के अनुसार, उन्हें 20 और 21 सितंबर 2026 की मध्य रात्रि में हाउस अरेस्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि जनता अपनी समस्याओं को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहती है, तो उसे रोकने की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने सवाल किया कि क्या जनता को अपनी व्यथा प्रदेश के मुखिया के सामने रखने का अधिकार नहीं है।
‘हम हजारों परिवारों की समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे’
सुदीप जैन ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी एक व्यक्ति की समस्या को मुख्यमंत्री के सामने रखना नहीं था, बल्कि मेरठ के हजारों घर-परिवारों और व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को शासन के सामने रखना था। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री स्वयं मेरठ आ रहे हैं तो जनता का उनसे मिलने का आग्रह करना किसी अपराध की श्रेणी में नहीं आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता को अपनी समस्याएं जनप्रतिनिधियों और सरकार तक पहुंचाने का अवसर मिलना चाहिए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के सामने समस्याएं रखने के लिए प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात का समय देने से संबंधित मामलों पर सीधे संवाद का रास्ता खुल सकता था।
शास्त्री नगर के लोगों की समस्याओं का मुद्दा उठाया
सुदीप जैन ने शास्त्री नगर मेरठ की स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता अपनी समस्याओं को लेकर परेशान है। ऐसे में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान केवल कथा या अन्य कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि जनता की व्यथा सुनने का अवसर भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की समस्याओं को शासन स्तर पर सुना जाना जरूरी है, ताकि उनके बीच बनी असुरक्षा की स्थिति का समाधान किया जा सके।
‘जो जैसा है, वैसा ही नियमितीकरण’ की मांग
सुदीप जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री के समक्ष उनकी प्रमुख मांग मेरठ में लंबे समय से बसे घरों और संचालित हो रहे व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संबंध में व्यावहारिक नियमितीकरण नीति बनाने की थी। उन्होंने कहा कि ‘जो जैसा है, वैसा ही नियमितीकरण’ की नीति बनाई जाए, जिससे वर्षों से रह रहे परिवारों और व्यापारियों को राहत मिल सके।
उनका कहना है कि लंबे समय से बसे लोगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से जुड़े मामलों में स्पष्ट एवं व्यावहारिक नीति बनने से हजारों परिवारों और कारोबारियों के बीच बनी असुरक्षा की स्थिति को दूर करने में मदद मिल सकती है।
प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते थे मांग
सुदीप जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात का उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग और जनता की समस्याओं को उनके सामने रखना था। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन से पहले ही मुलाकात का समय देने का आग्रह किया गया था, लेकिन हाउस अरेस्ट किए जाने के कारण वह मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात नहीं कर सके।
सुदीप जैन ने कहा कि मेरठ की जनता से जुड़े इन मुद्दों को आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से शासन-प्रशासन के समक्ष उठाया जाता रहेगा