परिकल्पित गन्ना कैलेंडर की प्रतिकृति
मेरठ, 10 सितंबर 2026। पेराई सत्र 2026-27 के सफल संचालन के लिए गन्ना विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेरठ परिक्षेत्र में गन्ना किसानों को गन्ना सप्लाई से संबंधित प्राथमिक कैलेंडर उपलब्ध कराने का कार्य तेजी से चल रहा है। विभाग के अनुसार अब तक परिक्षेत्र के करीब 85 प्रतिशत गांवों में प्राथमिक कैलेंडर का भौतिक वितरण पूरा किया जा चुका है। किसानों को उनके गन्ना आपूर्ति संबंधी विवरणों की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही उनमें किसी प्रकार की त्रुटि होने पर उसे दूर कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
2806 राजस्व ग्रामों में से 2573 के प्राथमिक कैलेंडर प्रिंट
उप गन्ना आयुक्त, मेरठ परिक्षेत्र यशपाल सिंह ने बताया कि पेराई सत्र 2026-27 के लिए मेरठ परिक्षेत्र के अंतर्गत कुल 2806 राजस्व ग्रामों के सापेक्ष अब तक 2573 प्राथमिक कैलेंडर प्रिंट किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 2386 ग्रामों में प्राथमिक कैलेंडर का भौतिक वितरण भी पूरा हो चुका है। विभागीय एवं चीनी मिल कार्मिकों के माध्यम से किसानों तक कैलेंडर पहुंचाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्राथमिक कैलेंडर को ऑनलाइन लाइव करने के साथ-साथ उसका प्रिंट निकालकर किसानों को भौतिक रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि किसान अपने गन्ना आपूर्ति से जुड़े विवरणों की समय रहते जांच कर सकें।
11 से 25 सितंबर तक चलेगा सट्टा प्रदर्शन एवं आपत्ति निस्तारण मेला
गन्ना किसानों की आपत्तियों के एकमुश्त समाधान के लिए 11 सितंबर 2026 से 25 सितंबर 2026 तक समिति स्तरीय सर्वे एवं सट्टा प्रदर्शन तथा आपत्ति निस्तारण मेले आयोजित किए जाएंगे। इन मेलों में किसानों को उनके गन्ना सर्वे, सट्टा एवं प्राथमिक कैलेंडर से संबंधित विवरण देखने और किसी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।
विभाग की ओर से किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित अवधि में आयोजित होने वाले समिति स्तरीय मेले में पहुंचकर अपने गन्ना संबंधी अभिलेखों एवं कैलेंडर की जांच अवश्य कर लें।
सट्टा संशोधन का मिलेगा अंतिम अवसर
उप गन्ना आयुक्त यशपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शन मेले में गन्ना किसानों को सट्टा संशोधन का अंतिम अवसर मिलेगा। इसलिए किसान अपने प्राथमिक कैलेंडर में दर्ज विवरणों को ध्यानपूर्वक जांच लें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि, कमी या विसंगति दिखाई देती है तो निर्धारित मेले में संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराकर उसका निस्तारण करा लें।
अधिकारियों को 11 सितंबर से पहले कैलेंडर वितरण के निर्देश
उप गन्ना आयुक्त ने मेरठ परिक्षेत्र में तैनात सभी सचिवों एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि 11 सितंबर 2026 से पूर्व प्रत्येक गांव में प्राथमिक कैलेंडर का वितरण सुनिश्चित कराया जाए। इसका उद्देश्य यह है कि किसान समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शन एवं आपत्ति निस्तारण मेले में अपने प्राथमिक कैलेंडर में दर्ज विवरणों की जांच कर सकें और आवश्यकता पड़ने पर त्रुटियों का निराकरण करा सकें।
विभागीय अधिकारी कर रहे कैलेंडर वितरण का निरीक्षण
गन्ना विभाग के अधिकारी किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे प्राथमिक कैलेंडर के वितरण कार्य का मौके पर जाकर निरीक्षण भी कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्राथमिक कैलेंडर संबंधित किसानों तक समय से पहुंचे और किसान उसमें दर्ज अपने गन्ना क्षेत्र, सर्वे एवं सट्टा संबंधी विवरणों की जांच कर सकें।
जनपदवार समिति स्तरीय मेले की तिथियां
मेरठ गन्ना परिक्षेत्र के विभिन्न जनपदों में समिति स्तरीय सर्वे, सट्टा प्रदर्शन एवं आपत्ति निस्तारण मेले की तिथियां अलग-अलग निर्धारित की गई हैं। किसानों को अपने संबंधित क्षेत्र की समिति द्वारा निर्धारित तिथि में मेले में पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कराने की सलाह दी गई है।
क्रमांक| जनपद| मेला आयोजित होने की तिथि
1| मेरठ| 15 सितंबर 2026 से 25 सितंबर 2026
2| बागपत| 16 सितंबर 2026 से 23 सितंबर 2026
3| गाजियाबाद| 15 सितंबर 2026 से 22 सितंबर 2026
4| हापुड़| 14 सितंबर 2026 से 25 सितंबर 2026
5| बुलंदशहर| 11 सितंबर 2026 से 18 सितंबर 2026
6| अलीगढ़| 14 सितंबर 2026 से 24 सितंबर 2026
7| मथुरा| 14 सितंबर 2026 से 18 सितंबर 2026
किसानों से समय रहते आपत्तियों के निस्तारण की अपील
गन्ना विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शन एवं आपत्ति निस्तारण मेले को गंभीरता से लें और अपने प्राथमिक कैलेंडर में दर्ज सभी विवरणों की जांच करें। यदि किसी किसान के गन्ना क्षेत्र, सर्वे, सट्टा या अन्य संबंधित विवरण में कोई त्रुटि है तो निर्धारित अवधि में संबंधित समिति स्तर पर पहुंचकर उसका संशोधन एवं निस्तारण करा लें।
विभाग ने कहा है कि समिति स्तरीय मेले में सट्टा संशोधन का अंतिम अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसलिए किसान इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपने अभिलेखों को दुरुस्त करा लें, ताकि आगामी पेराई सत्र के दौरान गन्ना आपूर्ति से संबंधित किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
गन्ना किसानों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर: 1800-121-3203