बयान जारी करते उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय
प्रयागराज। प्रयागराज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान अजय राय ने कहा कि 8 अगस्त को शाम 5 बजे राहुल गांधी प्रयागराज आने वाले हैं, जहाँ उनका उद्देश्य देश के युवाओं और छात्रों से शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक तथा उनके भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सीधा संवाद करना है। उनके अनुसार यह कार्यक्रम पूरी तरह छात्रों के हितों को केंद्र में रखकर आयोजित किया जा रहा था।
अजय राय ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार युवाओं की समस्याओं को सुनने के बजाय उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार इन घटनाओं को रोकने में विफल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बड़े स्तर पर संगठित तरीके से पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं, जिससे छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। उनका कहना था कि राहुल गांधी इन्हीं विषयों पर छात्रों से खुलकर चर्चा करना चाहते थे, लेकिन सरकार इस संवाद से घबरा गई है।
कांग्रेस नेता ने बताया कि इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए 30 जुलाई को प्रयागराज स्थित मेजर रंजीत सिंह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की विधिवत अनुमति प्राप्त कर ली गई थी। उन्होंने दावा किया कि आयोजन के लिए ₹51,000 की निर्धारित शुल्क राशि भी जमा कर दी गई थी और इसकी आधिकारिक रसीद उनके पास मौजूद है। मीडिया के सामने उन्होंने अपने मोबाइल फोन में अनुमति से संबंधित दस्तावेज भी दिखाए और कहा कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद बाद में बिना किसी स्पष्ट और ठोस कारण के अनुमति रद्द कर दी गई।
अजय राय ने आरोप लगाया कि यह निर्णय प्रशासन ने स्वतंत्र रूप से नहीं, बल्कि सरकार के दबाव में लिया है। उनके अनुसार यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है और छात्रों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि यदि कार्यक्रम में किसी प्रकार की सुरक्षा या प्रशासनिक चिंता होती तो आयोजकों को पहले से सूचित किया जाता, लेकिन बिना उचित कारण बताए अनुमति निरस्त कर देना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने अपने आरोपों को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इससे पहले राजस्थान के कोटा और उत्तराखंड के देहरादून में भी राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रमों की अनुमति पहले रद्द की गई थी। हालांकि, छात्रों और युवाओं के व्यापक समर्थन तथा दबाव के बाद प्रशासन को अंततः अनुमति देनी पड़ी थी। अजय राय ने दावा किया कि प्रयागराज में भी सरकार इसी तरह कार्यक्रम को रोकने का प्रयास कर रही है, लेकिन छात्रों के समर्थन के कारण यह प्रयास सफल नहीं होगा।
कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कार्यक्रम किसी राजनीतिक रैली या शक्ति प्रदर्शन के उद्देश्य से आयोजित नहीं किया जा रहा था। उनके अनुसार कार्यक्रम में न तो पार्टी के झंडे लगाए जाने थे और न ही किसी प्रकार की नारेबाजी प्रस्तावित थी। यह केवल छात्रों, युवाओं और राहुल गांधी के बीच शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुला संवाद था।
मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि भाजपा सरकार और देश का शीर्ष नेतृत्व राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता तथा छात्रों के साथ उनके सीधे संवाद से असहज है। इसी कारण प्रशासनिक स्तर पर कार्यक्रम में बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज को दबाना उचित नहीं है और सरकार को ऐसे संवाद कार्यक्रमों को रोकने के बजाय युवाओं की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
अजय राय ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी बाधाओं के बावजूद 8 अगस्त को प्रयागराज में प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी तथा युवाओं की आवाज को किसी भी परिस्थिति में दबने नहीं दिया जाएगा।