मेरठ, 5 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग के स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को मेरठ के विकास भवन सभागार में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) नूपुर गोयल ने की। इस अवसर पर दुग्धशाला विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किसानों, पशुपालकों और स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक डेयरी प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य, चारा प्रबंधन तथा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना 2026-27 के अंतर्गत ई-लॉटरी के माध्यम से चयनित लाभार्थियों को मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने चयन पत्र एवं अनुमति पत्र वितरित किए। 50 वर्षों की विकास यात्रा का हुआ प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान लखनऊ मुख्यालय से दुग्ध आयुक्त श्रीमती धन लक्ष्मी के. ने ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग की 50 वर्षों की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर जूम लिंक के माध्यम से विभाग की 50 वर्ष की विकास यात्रा, पशु रोग नियंत्रण, टीकाकरण और आधुनिक डेयरी प्रबंधन से संबंधित जानकारीपरक फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे उपस्थित किसानों और पशुपालकों ने रुचि के साथ देखा। नन्द बाबा दुग्ध मिशन और विभागीय योजनाओं की दी गई जानकारी कार्यक्रम में किसानों एवं पशुपालकों को नन्द बाबा दुग्ध मिशन, उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जा सकता है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। आधुनिक डेयरी प्रबंधन और पशु स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन कार्यक्रम में क्षेत्रीय दुग्धशाला विकास अधिकारी नत्थू सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पवित्र सिंह गिल, सीआईआरसी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संजीव कुमार वर्मा तथा सीडीटीआरआई की प्राचार्या श्रीमती वंदना सिंह ने किसानों को पशुओं के रखरखाव, संतुलित चारा प्रबंधन, पशु रोगों की रोकथाम, समय पर टीकाकरण और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने पशुपालकों को सलाह दी कि नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषक आहार और समय पर टीकाकरण से पशुओं की उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है तथा डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभदायक बनाया जा सकता है। नाबार्ड ने दी कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड की जानकारी कार्यक्रम में नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) श्रीमती भावना जैन ने किसानों को बैंकिंग सुविधाओं, कृषि ऋण, पशुपालन ऋण तथा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से सरकारी वित्तीय योजनाओं का लाभ उठाकर अपने डेयरी व्यवसाय का विस्तार करने का आह्वान किया। दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 की दी गई जानकारी वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक अविनाश गुप्ता ने उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 सहित विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। सीडीओ ने किसानों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की कार्यक्रम के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने किसानों, पशुपालकों और स्वयं सहायता समूहों से सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक इनका लाभ पहुंच सके। उन्होंने कहा कि डेयरी और पशुपालन क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला है तथा आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। मुख्य बिंदु उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने पर मेरठ में विशेष कार्यक्रम आयोजित। सीडीओ नूपुर गोयल ने मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के चयनित लाभार्थियों को चयन पत्र एवं अनुमति पत्र वितरित किए। किसानों, पशुपालकों और स्वयं सहायता समूहों को नन्द बाबा दुग्ध मिशन एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। आधुनिक डेयरी प्रबंधन, चारा प्रबंधन, पशु रोग नियंत्रण और टीकाकरण पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया। नाबार्ड ने कृषि ऋण एवं किसान क्रेडिट कार्ड योजनाओं की जानकारी दी। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया गया
मेरठ । उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग के स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को मेरठ के विकास भवन सभागार में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) नूपुर गोयल ने की। इस अवसर पर दुग्धशाला विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किसानों, पशुपालकों और स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक डेयरी प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य, चारा प्रबंधन तथा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना 2026-27 के अंतर्गत ई-लॉटरी के माध्यम से चयनित लाभार्थियों को मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने चयन पत्र एवं अनुमति पत्र वितरित किए।
50 वर्षों की विकास यात्रा का हुआ प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान लखनऊ मुख्यालय से दुग्ध आयुक्त श्रीमती धन लक्ष्मी के. ने ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग की 50 वर्षों की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर जूम लिंक के माध्यम से विभाग की 50 वर्ष की विकास यात्रा, पशु रोग नियंत्रण, टीकाकरण और आधुनिक डेयरी प्रबंधन से संबंधित जानकारीपरक फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे उपस्थित किसानों और पशुपालकों ने रुचि के साथ देखा।
नन्द बाबा दुग्ध मिशन और विभागीय योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में किसानों एवं पशुपालकों को नन्द बाबा दुग्ध मिशन, उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जा सकता है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
आधुनिक डेयरी प्रबंधन और पशु स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन
कार्यक्रम में क्षेत्रीय दुग्धशाला विकास अधिकारी नत्थू सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पवित्र सिंह गिल, सीआईआरसी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संजीव कुमार वर्मा तथा सीडीटीआरआई की प्राचार्या श्रीमती वंदना सिंह ने किसानों को पशुओं के रखरखाव, संतुलित चारा प्रबंधन, पशु रोगों की रोकथाम, समय पर टीकाकरण और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी।विशेषज्ञों ने पशुपालकों को सलाह दी कि नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषक आहार और समय पर टीकाकरण से पशुओं की उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है तथा डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभदायक बनाया जा सकता है।
नाबार्ड ने दी कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड की जानकारी
कार्यक्रम में नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) श्रीमती भावना जैन ने किसानों को बैंकिंग सुविधाओं, कृषि ऋण, पशुपालन ऋण तथा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से सरकारी वित्तीय योजनाओं का लाभ उठाकर अपने डेयरी व्यवसाय का विस्तार करने का आह्वान किया।
दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 की दी गई जानकारी
वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक अविनाश गुप्ता ने उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 सहित विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
सीडीओ ने किसानों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की
कार्यक्रम के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने किसानों, पशुपालकों और स्वयं सहायता समूहों से सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक इनका लाभ पहुंच सके। उन्होंने कहा कि डेयरी और पशुपालन क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला है तथा आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है।
मुख्य बिंदु
- उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने पर मेरठ में विशेष कार्यक्रम आयोजित।
- सीडीओ नूपुर गोयल ने मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के चयनित लाभार्थियों को चयन पत्र एवं अनुमति पत्र वितरित किए।
- किसानों, पशुपालकों और स्वयं सहायता समूहों को नन्द बाबा दुग्ध मिशन एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई।
- आधुनिक डेयरी प्रबंधन, चारा प्रबंधन, पशु रोग नियंत्रण और टीकाकरण पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया।
- नाबार्ड ने कृषि ऋण एवं किसान क्रेडिट कार्ड योजनाओं की जानकारी दी।
- सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया गया