आरजीपीजी कॉलेज में किया गया पौधारोपण
रघुनाथ गर्ल्स पीजी कॉलेज में ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ के तहत पौधारोपण एवं पौधा वितरण कार्यक्रम, छात्राओं को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मेरठ। उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान “वृक्षारोपण महायज्ञ-2026” एवं “एक पेड़ माँ के नाम” पहल के अंतर्गत रविवार को रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, मेरठ में पौधारोपण एवं पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की शिक्षिकाओं, छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेविकाओं, आरजी रेंजर्स टीम तथा कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. निवेदिता कुमारी ने कॉलेज परिसर में पौधारोपण कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अधिक से अधिक पौधे लगाए तथा उनकी नियमित देखभाल भी करे।
35 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य से जुड़ा अभियान
कार्यक्रम में बताया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 का उद्देश्य पूरे प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाकर हरित आवरण को बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देना है। इस अभियान के अंतर्गत शिक्षण संस्थानों को विशेष रूप से जोड़ा गया है ताकि छात्र-छात्राओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित हो और वे प्रकृति संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से युवाओं को केवल पौधारोपण के लिए ही नहीं, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं को वितरित किए गए पौधे
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाओं, गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पौधे वितरित किए गए, ताकि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में उनका रोपण कर सकें।
इसके अलावा एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस यूनिट-1 एवं यूनिट-2 की स्वयंसेविकाओं, आरजी रेंजर्स टीम तथा बड़ी संख्या में छात्राओं को भी पौधे प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों ने पौधों की देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
आम, जामुन, नीम, आंवला सहित कई प्रजातियों के पौधे लगाए गए
इस अवसर पर आम, जामुन, अमरूद, पीपल, आंवला, कनेर, नीम, नींबू तथा करी पत्ता सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वितरण एवं रोपण किया गया। महाविद्यालय परिसर को हरित बनाने के साथ-साथ छात्राओं को इन पौधों के पर्यावरणीय महत्व की भी जानकारी दी गई।
“पौधे लगाना ही नहीं, उनका संरक्षण भी जरूरी”
प्राचार्या प्रो. निवेदिता कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक नागरिक को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर पौधे अवश्य लगाएं और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना ही इस अभियान की वास्तविक सफलता होगी।
एनसीसी, एनएसएस और रेंजर्स टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम का आयोजन प्रो. अंजुला राजवंशी (एनसीसी प्रभारी), प्रो. निर्लेप कौर (एनएसएस यूनिट-1 प्रभारी), प्रो. रजनी श्रीवास्तव (एनएसएस यूनिट-2 प्रभारी) तथा डॉ. सुनीता सिंह (आरजी रेंजर्स टीम लीडर) के निर्देशन में किया गया।
आयोजकों ने कहा कि “वृक्षारोपण महायज्ञ-2026” पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य प्रदूषण कम करना, हरित क्षेत्र बढ़ाना और नई पीढ़ी को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
छात्राओं और कर्मचारियों का रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में अंडर ऑफिसर अवनी शर्मा, अनम, पलक शर्मा, सुनैना, हर्षिता, सीनियर रेंजर मेट टीशा, रेंजर कशिश सहित एनसीसी, एनएसएस और रेंजर्स टीम की छात्राओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके अतिरिक्त महाविद्यालय के रामलोट, राम सिंह, कुनाल, हरिओम, मनोज, शरद, नीरज, विजय, अंकित, शिवा, सुलोचना, अमित, पुनीत सहित अन्य कर्मचारियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी शिक्षकों, छात्राओं और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें सुरक्षित रखने का संदेश दिया। महाविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के अभियान विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के साथ-साथ समाज को हरित और स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।