लखनऊ में आयोजित यूपी टैक्सटाइल, कॉनक्लेव में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन करते मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ
लखनऊ, 8 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं टेक्निकल टेक्सटाइल केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 को महत्वपूर्ण पहल बताया गया। कॉन्क्लेव में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों ने प्रदेश में निवेश, आधुनिक तकनीक, कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन और आत्मनिर्भरता को औद्योगिक विकास की प्रमुख आधारशिला बताया।
वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास मजबूत औद्योगिक आधार, विशाल युवा कार्यबल, समृद्ध पारंपरिक टेक्सटाइल विरासत और बड़ा उपभोक्ता बाजार मौजूद है। इन क्षमताओं का प्रभावी उपयोग कर प्रदेश वैश्विक टेक्सटाइल आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और देश के अग्रणी टेक्सटाइल हब के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर सकता है।

टेक्निकल टेक्सटाइल का प्रमुख केंद्र बन सकता है उत्तर प्रदेश: मनोज गुप्ता
एमकेयू लिमिटेड के अध्यक्ष एवं रक्षा-सुरक्षा क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपति मनोज गुप्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले टेक्निकल टेक्सटाइल और उच्च क्षमता वाले पदार्थों के उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने लखनऊ-हरदोई में स्थापित किए जा रहे पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क को प्रदेश को देश के प्रमुख वस्त्र विनिर्माण राज्यों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मनोज गुप्ता ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले कई रणनीतिक मटीरियल के लिए भारत अभी काफी हद तक आयात पर निर्भर है। ऐसे में देश में ही इन सामग्रियों का उत्पादन बढ़ाना आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
उन्होंने बताया कि उनके समूह द्वारा कानपुर डिफेंस कॉरिडोर में करीब तीन हेक्टेयर क्षेत्र में आधुनिक मटीरियल एवं साइंसेज की अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई स्थापित की गई है। यहां पॉली-एथिलीन आधारित उच्च क्षमता वाले फैब्रिक का उत्पादन किया जाता है, जिसका उपयोग बुलेट प्रूफ जैकेट और हेलमेट जैसे रक्षा उपकरणों में किया जाता है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हाई परफॉर्मेंस फाइबर से लेकर तैयार उत्पाद तक पूरा ईकोसिस्टम विकसित किया जा सकता है। इससे एक ओर जहां रक्षा क्षेत्र की आवश्यकताओं की पूर्ति में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर विदेशी निर्भरता कम होगी। इसके साथ ही प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, निवेश और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो सकती है।
आधुनिक तकनीक और प्रोसेसिंग सुविधाओं से टेक्सटाइल क्षेत्र को मिलेगी नई ऊंचाई: रवि सैम
टेक्सप्रोसिल के वाइस चेयरमैन एवं साउथ इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन के चेयरमैन रवि सैम ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद दुनिया की निगाहें भारत पर हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख मजबूत हुई है और विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों से भारतीय टेक्सटाइल उद्योग के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का टेक्सटाइल निर्यात लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश में इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने की व्यापक संभावनाएं हैं। इसके लिए कौशल विकास, उत्पादन क्षमता में विस्तार, सस्टेनेबिलिटी, ट्रेसेबिलिटी और समयबद्ध आपूर्ति पर विशेष ध्यान देना होगा।

रवि सैम ने कहा कि टेक्सटाइल प्रोसेसिंग के क्षेत्र में आधुनिक एवं विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने से उत्तर प्रदेश वैश्विक गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में सक्षम होगा। बेहतर तकनीक और मजबूत औद्योगिक आधार प्रदेश के टेक्सटाइल उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
बनारसी वस्त्र और कालीन उद्योग प्रदेश की समृद्ध विरासत: रवि सैम
रवि सैम ने उत्तर प्रदेश की पारंपरिक टेक्सटाइल विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के पास बनारसी वस्त्र, मिर्जापुर और भदोही के कालीन जैसे ऐसे उत्पाद हैं, जिनकी वैश्विक पहचान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के साथ टेक्सटाइल उद्योग की यह ताकत उत्तर प्रदेश को विशिष्ट पहचान देती है।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक टेक्सटाइल उत्पादों को आधुनिक तकनीक, निवेश और बेहतर प्रसंस्करण सुविधाओं से जोड़कर प्रदेश टेक्सटाइल क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकता है। सही रणनीति, आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं के साथ उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी टेक्सटाइल हब बनने की क्षमता रखता है।
टेक्सटाइल मशीनरी में आत्मनिर्भरता से मजबूत होगा ‘मेक इन इंडिया’: केतन संघवी
आईटीएमई सोसायटी एवं लक्ष्मी शटललेस लूम्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक केतन संघवी ने टेक्सटाइल मशीनरी निर्माण के क्षेत्र में भारत की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश में टेक्सटाइल मशीनरी के क्षेत्र में अभी बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं और स्थानीय स्तर पर मशीनरी निर्माण को बढ़ावा देकर आयात पर निर्भरता कम की जा सकती है।
उन्होंने कानपुर के आसपास लगभग 1000 एकड़ क्षेत्र में विशेष टेक्सटाइल मशीनरी पार्क विकसित करने की उत्तर प्रदेश सरकार की योजना को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में टेक्सटाइल मशीनरी के लिए भारत की आयात निर्भरता 80 से 90 प्रतिशत तक है। ऐसे में स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने से आयात में कमी आएगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती मिलेगी।
केतन संघवी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल मशीनरी निर्माण का मजबूत आधार विकसित होने से मशीनरी से जुड़े सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे नए निवेश के अवसर पैदा होंगे और टेक्सटाइल उद्योग को आवश्यक मशीनरी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी। स्थानीय उत्पादन से मशीनरी की आपूर्ति में लगने वाला समय और उत्पादन लागत कम करने में भी मदद मिल सकती है।
दिसंबर में ग्रेटर नोएडा में अंतरराष्ट्रीय टेक्सटाइल मशीनरी प्रदर्शनी
केतन संघवी ने बताया कि टेक्सटाइल मशीनरी क्षेत्र में नई तकनीक, निवेश और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईटीएमई सोसायटी द्वारा दिसंबर में ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में अंतरराष्ट्रीय टेक्सटाइल मशीनरी प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी 4 से 9 दिसंबर तक आयोजित होगी, जिसमें करीब 40 देशों की कंपनियां हिस्सा लेंगी और 3500 से अधिक मशीनों का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े उद्यमियों और निवेशकों के लिए नई तकनीकों को समझने, वैश्विक कंपनियों से संपर्क स्थापित करने तथा निवेश एवं सहयोग के नए अवसर तलाशने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
निवेश और रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद
यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रदेश में टेक्सटाइल और टेक्निकल टेक्सटाइल क्षेत्र के विस्तार की संभावनाओं पर जोर दिया। वक्ताओं के अनुसार, आधुनिक तकनीक, कुशल मानव संसाधन, मजबूत आधारभूत ढांचा, स्थानीय मशीनरी निर्माण और निवेश को बढ़ावा देकर उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकता है।
टेक्निकल टेक्सटाइल, रक्षा क्षेत्र से जुड़े मटीरियल, टेक्सटाइल मशीनरी और पारंपरिक वस्त्र उत्पादों को एक व्यापक औद्योगिक ईकोसिस्टम से जोड़ने पर प्रदेश में नए उद्योग स्थापित होने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। कॉन्क्लेव में सामने आए विचारों ने उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक टेक्सटाइल आपूर्ति श्रृंखला में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका दिलाने की संभावनाओं को रेखांकित किया।