सीएम योगी आदित्यनाथ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को रोडवेज बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा देने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक बजट में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) को वरिष्ठ महिलाओं की नि:शुल्क यात्रा के प्रतिकर भुगतान के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। भाजपा ने अपने लोक कल्याण संकल्प पत्र में वरिष्ठ महिलाओं को रोडवेज बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा देने का वादा किया था।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश की लाखों वरिष्ठ महिलाओं को यात्रा खर्च से राहत मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर धार्मिक यात्रा, पारिवारिक कार्य, सामाजिक कार्यक्रम और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए रोडवेज बसों से सफर करने वाली बुजुर्ग महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा।
60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए नि:शुल्क रोडवेज यात्रा
उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट में राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं की नि:शुल्क यात्रा के लिए प्रतिकर भुगतान की व्यवस्था की है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
सरकार का उद्देश्य वरिष्ठ महिलाओं की यात्रा को अधिक सुगम और आर्थिक रूप से राहतपूर्ण बनाना है। इससे उन महिलाओं को विशेष लाभ हो सकता है जिन्हें अस्पताल, धार्मिक स्थलों, रिश्तेदारों या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाना पड़ता है।
हालांकि यात्रियों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि नि:शुल्क यात्रा सुविधा किस तारीख से लागू होगी, किन श्रेणियों की रोडवेज बसों में मान्य होगी और यात्रा के दौरान आयु प्रमाण के रूप में कौन से दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे। इन व्यावहारिक नियमों को लेकर परिवहन निगम/सरकार की विस्तृत व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।
लोक कल्याण संकल्प पत्र में किया गया था वादा
वरिष्ठ महिलाओं को रोडवेज बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा देने का वादा भाजपा के लोक कल्याण संकल्प पत्र में किया गया था। अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक बजट में इसके लिए धनराशि का प्रावधान किए जाने से योजना को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण वित्तीय आधार मिला है।
रोडवेज बसों में वरिष्ठ महिलाओं की यात्रा पर आने वाले व्यय की भरपाई के लिए राज्य सड़क परिवहन निगम को सरकार की ओर से प्रतिकर दिया जाएगा।
महिला कल्याण विभाग को 1094.40 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि
महिला सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं पर भी अनुपूरक बजट में विशेष जोर दिया गया है। महिला कल्याण विभाग के लिए 1094.40 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है।
इस राशि के माध्यम से निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और महिलाओं एवं बच्चों के संरक्षण से संबंधित योजनाओं को वित्तीय मजबूती देने की तैयारी है।
निराश्रित महिला पेंशन योजना के लिए 930 करोड़ रुपये
पति की मृत्यु के बाद आर्थिक संकट का सामना करने वाली पात्र महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित निराश्रित महिला पेंशन योजना के लिए 930 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और निराश्रित महिलाओं के लिए नियमित आर्थिक सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम है। अतिरिक्त बजटीय व्यवस्था से योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को आर्थिक संबल जारी रखने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना को 110 करोड़ रुपये
अनाथ एवं विशेष परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे बच्चों की शिक्षा, भरण-पोषण और समग्र विकास के उद्देश्य से संचालित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिए 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
योजना का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को आर्थिक और सामाजिक संरक्षण उपलब्ध कराना तथा उनकी शिक्षा एवं देखभाल में सहायता करना है।
रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के लिए 54.30 करोड़
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा एवं सहायता से जुड़े उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के लिए 54.30 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
इसके माध्यम से पीड़ित महिलाओं और बच्चों को आवश्यक सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराने वाली व्यवस्थाओं को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
वरिष्ठ महिलाओं को धार्मिक और स्वास्थ्य यात्राओं में मिलेगी राहत
60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को रोडवेज बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा लागू होने पर इसका असर केवल यात्रा खर्च की बचत तक सीमित नहीं रहेगा। बड़ी संख्या में वरिष्ठ महिलाएं धार्मिक स्थलों के दर्शन, अस्पताल और चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचने, पारिवारिक आयोजनों तथा अन्य सामाजिक जरूरतों के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहती हैं।
ऐसे में मुफ्त बस यात्रा की सुविधा उनके लिए आर्थिक राहत के साथ आवागमन को आसान बनाने वाली पहल साबित हो सकती है।
महिला सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण पर सरकार का जोर
उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट के माध्यम से महिला कल्याण की विभिन्न योजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान करते हुए महिला सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर दिया है।
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री शक्ति समृद्धि योजना के लिए 10 लाख रुपये का प्रावधान भी अनुपूरक बजट में किया गया है।
कुल मिलाकर अनुपूरक बजट में वरिष्ठ महिलाओं की नि:शुल्क रोडवेज यात्रा से लेकर निराश्रित महिला पेंशन, बाल सेवा योजना और महिला एवं बाल संरक्षण तक कई योजनाओं के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई है।
एक नजर में प्रमुख बजटीय प्रावधान
- 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं की नि:शुल्क रोडवेज यात्रा: 100 करोड़ रुपये
- महिला कल्याण विभाग के लिए अतिरिक्त प्रावधान: 1094.40 करोड़ रुपये
- निराश्रित महिला पेंशन योजना: 930 करोड़ रुपये
- उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना: 110 करोड़ रुपये
- रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष: 54.30 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री शक्ति समृद्धि योजना: 10 लाख रुपये
बजट में धनराशि का प्रावधान नि:शुल्क यात्रा व्यवस्था को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यात्रियों के लिए वास्तविक सुविधा शुरू होने की तारीख, पात्रता, मान्य बस श्रेणियों और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में परिवहन निगम/सरकार द्वारा जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों को देखना आवश्यक होगा।