विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर मेरठ के मेडिकल कॉलेज निशुल्क स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया
मेरठ। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर लाला लाजपत राय स्मारक (एलएलआरएम) मेडिकल कॉलेज, मेरठ के मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर (हेपेटाइटिस क्लिनिक) द्वारा जनजागरूकता कार्यक्रम, कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (CME) तथा निःशुल्क हेपेटाइटिस स्क्रीनिंग शिविरों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना, चिकित्सकों को नवीनतम उपचार एवं प्रबंधन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना तथा राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP) के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) मेरठ डॉ. राम प्रसाद रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आर. सी. गुप्ता ने की। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
वरिष्ठ चिकित्सकों ने की सहभागिता
कार्यक्रम में एसआईसी डॉ. धीरज बलियान, सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अनुपमा वर्मा, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. योगिता सिंह, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. नेहा सिंह, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपमा वर्मा, डॉ. आभा गुप्ता, डॉ. संध्या गौतम, डॉ. श्वेता शर्मा, डॉ. स्नेलता वर्मा, डॉ. विवेक ऋषि, जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुधीर चौधरी तथा एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. रचना टंडन सहित अनेक विशेषज्ञ चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे।
हेपेटाइटिस की रोकथाम और उपचार पर विशेषज्ञों ने दिए व्याख्यान
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (CME) में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हेपेटाइटिस की रोकथाम, समय पर जांच, आधुनिक उपचार पद्धतियों, रोगियों के प्रभावी प्रबंधन तथा राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों पर विस्तृत जानकारी दी। चिकित्सकों ने बताया कि समय पर जांच और उपचार से हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
विभिन्न विभागों में लगाए गए निःशुल्क स्क्रीनिंग शिविर
विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों में निःशुल्क हेपेटाइटिस स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में लोगों की जांच करने के साथ-साथ उन्हें हेपेटाइटिस के कारण, लक्षण, संक्रमण से बचाव, टीकाकरण, समय पर जांच और उपचार के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने शिविरों का लाभ उठाया।
विद्यार्थियों ने लिया जागरूकता फैलाने का संकल्प
कार्यक्रम में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) चिकित्सा विद्यार्थी, एमबीबीएस, बीएससी नर्सिंग, फार्मेसी एवं बीएमएलटी के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने समाज में हेपेटाइटिस के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच कराने तथा उपचार के महत्व का संदेश घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
वर्ष 2019 से मिल रही है निःशुल्क उपचार सुविधा
राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP) के नोडल अधिकारी एवं मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज का मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर वर्ष 2019 से हेपेटाइटिस रोगियों को निःशुल्क जांच, परामर्श एवं उपचार की सुविधा प्रदान कर रहा है।
उन्होंने बताया कि अब तक केंद्र में लगभग 30,000 हेपेटाइटिस-सी मरीजों का पंजीकरण किया जा चुका है। इनमें से करीब 17,000 मरीजों का उपचार शुरू किया गया, जबकि 12,250 मरीज सफलतापूर्वक उपचार पूरा कर स्वस्थ हो चुके हैं।
हेपेटाइटिस-बी मरीजों का भी हो रहा उपचार
डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 से हेपेटाइटिस-बी के मरीजों का उपचार भी केंद्र में शुरू किया गया है। अब तक लगभग 2,400 हेपेटाइटिस-बी मरीजों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से करीब 1,600 मरीजों का उपचार वर्तमान में जारी है।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे हेपेटाइटिस की समय पर जांच कराएं और इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
वर्ष 2030 तक ‘हेपेटाइटिस मुक्त भारत’ का लक्ष्य
कार्यक्रम के समापन पर सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं विद्यार्थियों ने “हेपेटाइटिस मुक्त भारत” का संकल्प दोहराया। सभी ने वर्ष 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।
क्या है विश्व हेपेटाइटिस दिवस?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की पहल पर प्रत्येक वर्ष 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य वायरल हेपेटाइटिस के प्रति लोगों को जागरूक करना, समय पर जांच और उपचार को बढ़ावा देना तथा वर्ष 2030 तक इस बीमारी के उन्मूलन के वैश्विक लक्ष्य को हासिल करना है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच, सुरक्षित जीवनशैली और नियमित उपचार से हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।