सचिन सिरोही (अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन)
मेरठ। कांवड़ यात्रा-2026 से पहले मेरठ में अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन की ओर से एक बड़ा बयान सामने आया है। संगठन ने घोषणा की है कि 30 जुलाई से कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली दुकानों की जांच अभियान चलाया जाएगा। संगठन का कहना है कि इस दौरान दुकानदारों की पहचान और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
संगठन के पदाधिकारियों ने दावा किया कि कांवड़ मार्ग पर स्थित दुकानों के संचालन को लेकर वे स्वयं सत्यापन करेंगे। संगठन की ओर से यह भी कहा गया कि यदि जांच के दौरान किसी दुकान के संबंध में उनकी आपत्तियां सामने आती हैं, तो प्रशासन से कार्रवाई की मांग की जाएगी।
दुकानदारों की पहचान और दस्तावेज जांचने की बात
संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर आने वाली दुकानों के संचालकों की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने प्रशासन से भी आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि किसी भी दुकान को बंद कराने, जांच करने या कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार केवल सक्षम प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के पास होता है। किसी संगठन द्वारा दिया गया यह बयान उसका अपना दावा है।
मुस्लिम संचालकों की दुकानों को लेकर दिया बयान
संगठन के पदाधिकारियों ने बयान में कहा कि यदि कांवड़ मार्ग पर मुस्लिम संचालकों द्वारा संचालित दुकानें मिलती हैं तो उन्हें बंद कराने की मांग की जाएगी। इस संबंध में उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप की बात कही।
इस मुद्दे पर अभी तक मेरठ जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से संगठन के इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।
कांवड़ मार्ग की दुकानों को लेकर उठाए सवाल
संगठन ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित दुकानों की व्यवस्था और संचालन को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भावनाओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
AIMIM नेता के बयान पर भी प्रतिक्रिया
प्रेस वार्ता के दौरान संगठन ने AIMIM नेता शादाब चौहान द्वारा कांवड़ यात्रा को लेकर दिए गए कथित बयान की भी आलोचना की। संगठन के पदाधिकारी सचिन सिरोही ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि किसी को कांवड़ यात्रा से आपत्ति है तो उसे ऐसे बयान देने से बचना चाहिए। उन्होंने इस दौरान पाकिस्तान जाने संबंधी टिप्पणी भी की।
प्रशासन की भूमिका पर रहेगी नजर
कांवड़ यात्रा को लेकर मेरठ सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रशासन सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था के व्यापक इंतजाम कर रहा है। ऐसे में विभिन्न संगठनों के बयानों के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस विषय पर क्या आधिकारिक रुख अपनाता है।