चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल में आयोजित ‘वीकेंड अभिव्यक्ति’ कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पुरस्कृत करते विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव।
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) के तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल में शुक्रवार को आयोजित ‘वीकेंड अभिव्यक्ति’ कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित भाषण प्रतियोगिता में युवाओं ने देश में वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या, गठबंधन सरकारों की भूमिका तथा नौकरी मांगने के बजाय रोजगार देने वाला बनने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को समसामयिक विषयों पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करना तथा उनकी अभिव्यक्ति, तर्कशक्ति और रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना रहा। इस दौरान भाषण प्रतियोगिता के साथ क्विज और कविता पाठ प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या पर युवाओं ने व्यक्त की चिंता
भाषण प्रतियोगिता के दौरान देश में वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या का विषय प्रमुखता से सामने आया। प्रतियोगियों के समक्ष यह प्रश्न रखा गया कि आखिर भारतीय समाज में वृद्धाश्रमों की संख्या क्यों बढ़ रही है और इसके पीछे कौन-कौन से सामाजिक कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।
इस विषय ने पारिवारिक मूल्यों, बुजुर्गों की देखभाल, बदलती सामाजिक परिस्थितियों और नई पीढ़ी की जिम्मेदारियों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार करने का अवसर प्रदान किया।
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने और अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला कि आधुनिक जीवनशैली तथा बदलते पारिवारिक ढांचे के बीच बुजुर्गों के सम्मान और उनकी देखभाल जैसे विषय कितने महत्वपूर्ण हैं।
गठबंधन सरकारें लोकतंत्र की खूबसूरती या विकास में बाधक?
कार्यक्रम में राजनीतिक व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय भी चर्चा का केंद्र रहा। विद्यार्थियों के सामने प्रश्न रखा गया कि गठबंधन सरकारें देश के विकास में बाधक होती हैं अथवा लोकतांत्रिक व्यवस्था की खूबसूरती को प्रदर्शित करती हैं।
इस विषय के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय लोकतंत्र में विभिन्न राजनीतिक दलों की भूमिका, गठबंधन की आवश्यकता और लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया जैसे पहलुओं पर विचार व्यक्त करने का अवसर मिला।
भाषण प्रतियोगिता में शामिल इस विषय ने युवाओं को राजनीतिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों के संबंध में अपने तर्क प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।
नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनो’ विषय पर भी हुआ विचार-विमर्श
युवाओं के भविष्य और रोजगार से जुड़ा विषय भी भाषण प्रतियोगिता का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। ‘नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनो’ जैसे विचार की आवश्यकता और सार्थकता पर प्रतियोगियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
इस विषय के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वरोजगार, उद्यमिता, आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चिंतन करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में शामिल इस विषय का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के पारंपरिक विकल्पों के साथ-साथ उद्यमिता और नए अवसरों की संभावनाओं पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित करना भी रहा।
भाषण प्रतियोगिता में अनन्या वर्मा और सक्षम गर्ग संयुक्त रूप से प्रथम
‘वीकेंड अभिव्यक्ति’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित भाषण प्रतियोगिता में करीब एक दर्जन छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रतियोगियों ने निर्धारित विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए और अपनी वक्तृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के परिणामों में अनन्या वर्मा और सक्षम गर्ग ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। सृष्टि मलिक द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि जिज्ञासा पांडे ने तृतीय स्थान हासिल किया।
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को मंच पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने तथा सार्वजनिक अभिव्यक्ति का अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला।
क्विज प्रतियोगिता में चंद्रवाहिनी ने मारी बाजी
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित क्विज प्रतियोगिता में भी छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की जानकारी और प्रश्नों के उत्तर देने की क्षमता का परीक्षण किया गया।
क्विज प्रतियोगिता में चंद्रवाहिनी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सोहा खान ने द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि खदीजा खान तृतीय स्थान पर रहीं।
इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपनी जानकारी का प्रदर्शन करने के साथ प्रतिस्पर्धात्मक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर प्रदान किया।
कविता पाठ में विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
‘वीकेंड अभिव्यक्ति’ कार्यक्रम में भाषण और क्विज प्रतियोगिताओं के साथ कविता पाठ भी आकर्षण का केंद्र रहा। छात्र-छात्राओं ने अपनी साहित्यिक अभिरुचि और रचनात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए कविताएं प्रस्तुत कीं।
इस अवसर पर धनवंशी राजपूत ने फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर को समर्पित एक कविता प्रस्तुत की। उनकी काव्य प्रस्तुति कार्यक्रम का उल्लेखनीय हिस्सा रही।
इसके अतिरिक्त स्तुति दीक्षित और वंशिका शर्मा ने भी कविता पाठ कर अपनी साहित्यिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कविता पाठ के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं और विचारों को साहित्यिक अभिव्यक्ति देने का अवसर मिला।
विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने विजेताओं को किया पुरस्कृत
कार्यक्रम के समापन अवसर पर तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया।
उन्होंने भाषण और क्विज प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशेष रूप से पत्रकारिता एवं जनसंचार के विद्यार्थियों के लिए समसामयिक विषयों पर विचार व्यक्त करने, प्रश्नों का सामना करने और सार्वजनिक मंच पर बोलने का अभ्यास उपयोगी माना जाता है।
आयोजन को सफल बनाने में शिक्षकों और विद्यार्थियों का रहा योगदान
‘वीकेंड अभिव्यक्ति’ कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. दीपिका वर्मा, निधि शर्मा, कपिल कुमार और तनीषा माथुर का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन लवकुमार सिंह ने किया।
संचालन के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं को क्रमबद्ध तरीके से संपन्न कराया गया और प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया गया।
तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से अलग सामाजिक सरोकारों, लोकतांत्रिक व्यवस्था, रोजगार और साहित्य जैसे विषयों पर अपनी सोच विकसित करने तथा उसे सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर दिया।
‘वीकेंड अभिव्यक्ति’ जैसे आयोजन युवाओं की रचनात्मकता, संवाद क्षमता और समसामयिक मुद्दों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने का माध्यम बन रहे हैं।