जनपद न्यायाधीश से औपचारिक भेंट करते नवागत एसएसपी बीबीजीटीएस
कार्यभार ग्रहण करने के बाद न्यायिक एवं प्रशासनिक विषयों पर हुई सौहार्दपूर्ण चर्चा
मेरठ। जनपद मेरठ के नवागत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री बीबीजीटीएस मूर्ति (IPS) ने जनपद का कार्यभार ग्रहण करने के बाद सोमवार को माननीय जनपद न्यायाधीश मेरठ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों अधिकारियों के बीच विभिन्न प्रशासनिक एवं न्यायिक विषयों को लेकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में संवाद हुआ।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद की शिष्टाचार भेंट
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने 24 अगस्त 2026 को जनपद न्यायाधीश मेरठ से मुलाकात की। यह मुलाकात उनके मेरठ में नवागत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद की गई। शिष्टाचार भेंट के दौरान जनपद की प्रशासनिक एवं न्यायिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। दोनों अधिकारियों ने आपसी समन्वय और बेहतर संवाद के महत्व पर विचार-विमर्श किया।
प्रशासनिक एवं न्यायिक विषयों पर संवाद
मुलाकात के दौरान जनपद में कानून-व्यवस्था, न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े विषयों तथा पुलिस और न्यायिक संस्थानों के बीच प्रभावी समन्वय से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर सौहार्दपूर्ण चर्चा हुई। पुलिस एवं न्यायिक व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल को जनपद में प्रभावी कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया के सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी क्रम में दोनों अधिकारियों के बीच विभिन्न विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
समन्वय और सहयोग पर जोर
नवागत एसएसपी की जनपद न्यायाधीश के साथ यह मुलाकात प्रशासनिक एवं न्यायिक स्तर पर बेहतर समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों अधिकारियों के बीच हुई इस शिष्टाचार भेंट में सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहा। मेरठ पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा कार्यभार संभालने के बाद विभिन्न विभागों और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने की प्रक्रिया के तहत यह मुलाकात की गई।
कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया के लिए समन्वय महत्वपूर्ण
जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े मामलों में पुलिस और न्यायिक संस्थानों के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक होता है। ऐसे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जनपद न्यायाधीश के बीच हुई मुलाकात को इसी समन्वय को और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण औपचारिक संवाद के रूप में देखा जा रहा है।