30 साल की सेवा पर संकट! MDA सफाई कर्मचारियों के रोजगार बचाने की उठी मांग
मेरठ। पिछले लगभग 30 वर्षों से मेरठ विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के रोजगार पर संकट गहरा गया है। अपने भविष्य और रोजगार की सुरक्षा को लेकर कर्मचारी लगातार संघर्ष कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर अब एक बार फिर मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष से महत्वपूर्ण वार्ता की
मेरठ विकास प्राधिकरण की शताब्दीनगर, वेदव्यासपुरी और लोहियानगर योजनाओं में करीब तीन दशक से अपनी सेवाएं दे रहे सफाई कर्मचारी आज रोजगार के संकट से जूझ रहे हैं। वर्षों तक क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था, नालियों की सफाई और सीवरेज सिस्टम को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभाने वाले इन कर्मचारियों के सामने अब आजीविका का गंभीर सवाल खड़ा हो गया है।
दरअसल, इन योजनाओं के नगर निगम को हस्तांतरित किए जाने के बाद कई सफाई कर्मचारियों के रोजगार पर संकट मंडराने लगा है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ वर्षों तक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है, ऐसे में उन्हें बेरोजगार करना उनके साथ अन्याय होगा।
इस मुद्दे को लेकर वार्ड-31 के पार्षद एवं मेरठ नगर निगम की कार्यकारिणी के सदस्य किर्ती घोपला ने मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों के रोजगार को सुरक्षित रखने की मांग की है।
मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान और रोजगार संरक्षण को लेकर सकारात्मक आश्वासन देते हुए नगर आयुक्त के नाम एक शिफारफी पत्र कर्मचारियों को सौंपा है जिसमें कर्मचारियों के भविष्य और रोजगार सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा करते हुए पूर्व की भांति रोजगार दिए जाने की बात कही गई है
