शहजाद भट्टी
स्वतंत्रता दिवस से पहले कथित आतंकी साजिश को नाकाम करने का दावा, 80 से अधिक एफआईआर और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस से पहले देश के कई राज्यों में सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान स्थित कथित शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। गृह मंत्रालय के अनुसार 12 अगस्त को राज्य पुलिस बलों के साथ समन्वय में की गई कार्रवाई के दौरान 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक अभियान का उद्देश्य नेटवर्क से जुड़े संभावित उपद्रवी गतिविधियों और स्वतंत्रता दिवस के आसपास की कथित साजिशों को रोकना था।
उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 62 लोग हिरासत में
गृह मंत्रालय के अनुसार इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 62 लोग, हरियाणा में 52, दिल्ली में 51 और पंजाब में 44 लोग हिरासत में लिए गए। इसके अलावा राजस्थान में 15, महाराष्ट्र में 8, उत्तराखंड में 5, जबकि कर्नाटक, गुजरात और बिहार में तीन-तीन तथा तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में दो-दो लोगों को हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई के दौरान दिल्ली और कर्नाटक में नई एफआईआर दर्ज किए जाने की भी जानकारी दी गई है।
80 से अधिक एफआईआर, 200 से ज्यादा गिरफ्तारियों का दावा
सरकारी जानकारी के मुताबिक शहजाद भट्टी नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ अब तक 80 से अधिक एफआईआर और 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां दर्ज की जा चुकी हैं। इन मामलों में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA, भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
आईईडी, हथियार और निगरानी उपकरण बरामद होने का दावा
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार कार्रवाई के दौरान आईईडी, पिस्तौल, जिंदा कारतूस, निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कैमरे और पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड बरामद किए गए। अधिकारियों ने इन बरामदगियों को नेटवर्क के कथित सीमा-पार संपर्कों की जांच में महत्वपूर्ण बताया है।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर-आतंकी शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क ने कथित तौर पर सोशल मीडिया और स्थानीय हैंडलर्स के माध्यम से युवाओं को अपने संपर्क में लाने की कोशिश की। अधिकारियों का आरोप है कि नेटवर्क से जुड़े लोगों को संवेदनशील स्थानों की रेकी, निगरानी संबंधी गतिविधियों और हथियारों की आवाजाही सहित विभिन्न गैरकानूनी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता था। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों से होगी।
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया बड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क
गृह मंत्रालय के अनुसार शहजाद भट्टी नेटवर्क को पाकिस्तान स्थित और कथित रूप से ISI-समर्थित आतंकी सिंडिकेट के रूप में चिन्हित किया गया है। एजेंसियों का आरोप है कि नेटवर्क का इस्तेमाल भारत में हमलों, लक्षित हत्याओं और संवेदनशील स्थानों की निगरानी जैसी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। जांच एजेंसियां अब नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेनदेन, संचार रिकॉर्ड और स्थानीय सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।
पाकिस्तान ने आरोपों से किया इनकार
इस मामले में पाकिस्तान की ओर से भारत के आरोपों को खारिज किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। ऐसे में शहजाद भट्टी नेटवर्क के कथित सीमा-पार संबंधों को लेकर जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए जा रहे साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।
वाराणसी में 19 वर्षीय युवक की हत्या का खुलासा
वहीं, उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 19 वर्षीय ईशू कन्नौजिया की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने बताया कि पुरानी रंजिश के चलते युवक की हत्या की गई और शव को छिपाने का प्रयास किया गया। मामले में पुलिस की जांच और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी के मामले भी जांच के घेरे में
देश के अलग-अलग हिस्सों में कुख्यात गैंगस्टरों के नाम का इस्तेमाल कर रंगदारी मांगने के मामले भी सामने आते रहे हैं। हालिया रिपोर्टों में दिल्ली में ‘अमर’ नामक आरोपी की गिरफ्तारी और कारोबारी से दो करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का नाम इस्तेमाल करने का आरोप है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एजेंसियों की निगरानी बढ़ी
शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई ने एक बार फिर अंतरराज्यीय अपराध, सोशल मीडिया के माध्यम से कथित भर्ती और सीमा-पार नेटवर्क की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता को सामने ला दिया है। 14 राज्यों में एक साथ की गई कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि केंद्रीय और राज्य एजेंसियां खुफिया सूचनाओं के आधार पर संयुक्त अभियान चला रही हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ नेटवर्क के अन्य सदस्यों और कथित सहयोगियों की भूमिका सामने आने की संभावना है।