कलानिधि नैथानी (डीआईजी मेरठ परिक्षेत्र)
मेरठ, 2 सितंबर 2026। जनशिकायतों के त्वरित, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कलानिधि नैथानी ने अगस्त 2026 की जनसुनवाई एवं IGRS रैंकिंग की समीक्षा की। समीक्षा में मेरठ रेंज के अंतर्गत आने वाले मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़ और बागपत—चारों जनपदों ने IGRS रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। चारों जिलों के इस प्रदर्शन पर डीआईजी ने संबंधित अधिकारियों की सराहना की।
चारों जिलों का IGRS में शानदार प्रदर्शन
डीआईजी ने कहा कि जनशिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। IGRS की अगस्त माह की रैंकिंग में मेरठ रेंज के चारों जनपदों का प्रथम स्थान प्राप्त करना इस दिशा में पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में भी इसी प्रकार शिकायतों के निस्तारण में तत्परता और गुणवत्ता बनाए रखी जाए।
थाना और सर्किल स्तर की शिकायतें पहुंच रहीं उच्च अधिकारियों तक
समीक्षा के दौरान डीआईजी को यह भी पता चला कि ऐसी कई शिकायतें परिक्षेत्रीय कार्यालय तक पहुंच रही हैं, जिनका निस्तारण थाना अथवा सर्किल स्तर पर ही किया जा सकता था। इससे थाना और सर्किल स्तर पर जनसुनवाई की व्यवस्था में अपेक्षित तत्परता और गुणवत्ता की कमी सामने आती है।
डीआईजी ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कहा कि शासन और उच्चाधिकारियों की ओर से जनसुनवाई तथा जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण के संबंध में लगातार दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर शिकायतों का प्रभावी समाधान नहीं होने के कारण उनका उच्च स्तर तक पहुंचना गंभीर विषय है।
मेरठ के कोतवाली और सदर देहात सर्किल से सबसे ज्यादा शिकायतें
अगस्त 2026 में परिक्षेत्रीय कार्यालय पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्रों की समीक्षा में मेरठ जनपद के कोतवाली सर्किल से 28 और सदर देहात सर्किल से 29 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए।
थाना स्तर पर देखें तो लिसाड़ी गेट और लोहियानगर थाने से 11-11, जबकि भावनपुर थाने से 13 प्रार्थना पत्र परिक्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे। इन आंकड़ों को डीआईजी ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जनसुनवाई व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करने को कहा है।
बुलंदशहर और हापुड़ के आंकड़ों की भी समीक्षा
बुलंदशहर जनपद में अगस्त माह के दौरान थाना बीबीनगर से 10 और थाना खुर्जा नगर से 11 प्रार्थना पत्र परिक्षेत्रीय कार्यालय में प्राप्त हुए।
वहीं, हापुड़ जनपद के हापुड़ नगर सर्किल से 25 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। थाना स्तर पर हापुड़ नगर थाने से सबसे अधिक 17 प्रार्थना पत्र परिक्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे।
आठ थाना प्रभारियों और तीन क्षेत्राधिकारियों से स्पष्टीकरण
जनसुनवाई में अपेक्षित तत्परता एवं शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में कमी के आंकड़ों को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी कलानिधि नैथानी ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
इनमें क्षेत्राधिकारी कोतवाली और क्षेत्राधिकारी सदर देहात, जनपद मेरठ; क्षेत्राधिकारी हापुड़ नगर के अलावा थाना प्रभारी लोहियानगर, लिसाड़ी गेट, भावनपुर, खुर्जा नगर, बीबी नगर और हापुड़ नगर शामिल हैं।
डीआईजी ने संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और अपने स्तर से शिकायतों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें।
कंकरखेड़ा थाने से जुड़े दो मामलों में भी जवाब तलब
परिक्षेत्रीय कार्यालय पर प्राप्त दो अन्य मामलों में थाना स्तर पर अभियोग पंजीकृत नहीं किए जाने के आरोप सामने आए। दोनों मामले मेरठ के थाना कंकरखेड़ा से संबंधित बताए गए हैं।
पहले मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके खाते से एटीएम की मदद के नाम पर 60 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। वहीं, दूसरे मामले में कई सप्ताह पूर्व रात के समय घर में चोरी होने की शिकायत किए जाने की बात सामने आई।
इन दोनों प्रकरणों में थाना स्तर पर अभियोग पंजीकृत नहीं किए जाने संबंधी आरोपों को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी कंकरखेड़ा से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश
डीआईजी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पुलिस को आमजन की शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी होगी। किसी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित रखना अथवा ऐसी शिकायत को उच्च स्तर तक पहुंचने देना, जिसका समाधान थाना या सर्किल स्तर पर ही संभव है, उचित नहीं है।
लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई में लापरवाही और शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों को आमजन की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना होगा।
उन्होंने कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण की निगरानी आगे भी लगातार की जाएगी और जनसुनवाई से संबंधित डेटाबेस निरंतर तैयार एवं अपडेट किया जाता रहेगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस स्तर पर कितनी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं और उनका निस्तारण किस गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है।
पुलिस की प्राथमिकता – आमजन की शिकायतों का प्रभावी समाधान
मेरठ रेंज के चारों जनपदों का अगस्त माह की IGRS रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करना पुलिस प्रशासन के लिए सकारात्मक उपलब्धि है। वहीं, परिक्षेत्रीय कार्यालय तक बड़ी संख्या में पहुंच रही स्थानीय स्तर की शिकायतों और कुछ मामलों में मुकदमा दर्ज न किए जाने के आरोपों को लेकर अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया जाना इस बात का संकेत है कि वरिष्ठ अधिकारी जनसुनवाई व्यवस्था में किसी भी स्तर की लापरवाही को लेकर गंभीर हैं।