योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार)
लखनऊ, 2 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश में राजस्व विभाग से जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश ने सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2024 के आधार पर चयनित 21 अभ्यर्थियों को नायब तहसीलदार के पद पर औपबंधिक नियुक्ति देते हुए विभिन्न जनपदों में तैनाती प्रदान की है। इस संबंध में आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा की ओर से आदेश जारी किया गया है।
राजस्व परिषद की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह नियुक्तियां उत्तर प्रदेश अधीनस्थ राजस्व कार्यपालक (नायब तहसीलदार) सेवा नियमावली, 2003, यथासंशोधित 2014 के नियम 20(1) के अंतर्गत की गई हैं। चयनित अभ्यर्थियों को निर्धारित वेतनमान के तहत नायब तहसीलदार पद पर नियुक्त किया गया है।
लेवल-6 के वेतन मैट्रिक्स में हुई नियुक्ति
आदेश के मुताबिक सभी चयनित अभ्यर्थियों को वेतन बैण्ड-2, 9300-34800 रुपये तथा ग्रेड पे 4200 रुपये के आधार पर नियुक्ति दी गई है। सातवें वेतन आयोग के अनुसार यह पद वेतन मैट्रिक्स लेवल-6 (₹35,400-₹1,12,400) में आता है।
राजस्व परिषद के आदेश में नियुक्ति को औपबंधिक बताया गया है। साथ ही चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और प्रमाण-पत्रों का सत्यापन कराया जाएगा। निर्धारित शर्तों का पालन करना सभी नवनियुक्त नायब तहसीलदारों के लिए अनिवार्य होगा।
किसे कहां मिली तैनाती? देखें पूरी सूची
राजस्व परिषद के आदेश के अनुसार चयनित 21 अभ्यर्थियों को उनके गृह जनपद से अलग-अलग जिलों में तैनाती दी गई है। सूची में मेरठ समेत प्रदेश के विभिन्न जनपदों के अभ्यर्थी शामिल हैं।
रैंक| नाम| गृह जनपद| तैनाती जनपद
22| आनंद राज सिंह| सोनभद्र| चंदौली
113| अंजीत सिंह राजपूत| फिरोजाबाद| कन्नौज
114| हर्षित कौशल| जालौन| बांदा
116| अनिल कुमार| बरेली| मैनपुरी
131| जितेन्द्र पाण्डेय| गाजीपुर| कुशीनगर
137| शालू राणा| मेरठ| मैनपुरी
140| मिथिलेश यादव| महराजगंज| बलरामपुर
153| उत्पल आनंद| मऊ| अयोध्या
160| सत्येन्द्र कुमार| संभल| गौतमबुद्ध नगर
168| यशव्रत सिंह| गोण्डा| संत कबीर नगर
171| अभिषेक दीक्षित| लखनऊ| मैनपुरी
173| अमजद अली खान| चंदौली| सोनभद्र
180| मनोज सिंह| झांसी| औरैया
181| टिंकू कुमार| बिजनौर| हापुड़
189| अर्पित सिंह| लखनऊ| कानपुर देहात
198| हर्ष कुमार दिवाकर| प्रयागराज| बाराबंकी
222| मानसी सागर| अलीगढ़| गौतमबुद्ध नगर
234| सत्यम पांडेय| गाजीपुर| मऊ
235| अमित कुमार| गाजियाबाद| फर्रुखाबाद
255| सोनू शिव (दिव्यांग)| गोण्डा| अयोध्या
257| सुरेश बाबू (दिव्यांग)| बरेली| कासगंज
मेरठ की शालू राणा को मैनपुरी में तैनाती
जारी सूची में मेरठ की शालू राणा का नाम भी शामिल है। उनकी रैंक 137 है और उन्हें मैनपुरी जनपद में नायब तहसीलदार के पद पर तैनाती दी गई है। इसी तरह गाजियाबाद निवासी अमित कुमार को फर्रुखाबाद तथा बिजनौर निवासी टिंकू कुमार को हापुड़ जनपद में तैनाती मिली है।
सूची में दिव्यांग श्रेणी के दो चयनित अभ्यर्थी सोनू शिव और सुरेश बाबू भी शामिल हैं। सोनू शिव को अयोध्या तथा सुरेश बाबू को कासगंज में तैनाती दी गई है।
साढ़े चार माह का प्रशिक्षण और अर्हकारी परीक्षा जरूरी
नवनियुक्त नायब तहसीलदारों के लिए प्रशिक्षण और परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। सभी अभ्यर्थियों को साढ़े चार माह का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा। इसके बाद उन्हें निर्धारित अर्हकारी परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।
आदेश के अनुसार प्रशिक्षण और अर्हकारी परीक्षा की आवश्यकताओं को पूरा किए बिना उन्हें न्यायिक कार्य नहीं सौंपा जाएगा। यानी नायब तहसीलदार के रूप में नियुक्ति के बावजूद न्यायिक कार्य के लिए निर्धारित प्रशिक्षण एवं परीक्षा की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा।
दो वर्ष की रहेगी परिवीक्षा अवधि
आदेश में नवनियुक्त अधिकारियों के लिए दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि भी निर्धारित की गई है। यह अवधि उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी। इस दौरान उनकी सेवा निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन रहेगी।
परिवीक्षा अवधि के दौरान अधिकारियों के कार्य एवं सेवा संबंधी अन्य निर्धारित शर्तें लागू रहेंगी। नियुक्ति को औपबंधिक रखे जाने के कारण दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
एक सप्ताह के भीतर करना होगा कार्यभार ग्रहण
राजस्व परिषद के आदेश में कार्यभार ग्रहण करने की समय-सीमा भी स्पष्ट की गई है। सभी चयनित अभ्यर्थियों को आदेश जारी होने की तिथि से एक सप्ताह के भीतर अपने तैनाती वाले जनपद में कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा।
यदि कोई चयनित अभ्यर्थी निर्धारित अवधि के भीतर कार्यभार ग्रहण नहीं करता है, तो आदेश के अनुसार उसकी नियुक्ति निरस्त की जा सकती है। ऐसे में सभी नवनियुक्त नायब तहसीलदारों को निर्धारित समय-सीमा का विशेष रूप से पालन करना होगा।
प्रमाण-पत्रों का होगा सत्यापन, फर्जी पाए जाने पर कार्रवाई
नियुक्ति आदेश में प्रमाण-पत्रों के सत्यापन को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है। सभी चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षिक एवं अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों का संबंधित स्तर पर सत्यापन कराया जाएगा।
यदि सत्यापन के दौरान किसी अभ्यर्थी के प्रमाण-पत्र अथवा दस्तावेज फर्जी या कूटरचित पाए जाते हैं, तो उसकी नियुक्ति समाप्त की जा सकती है और उसे सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है। इस तरह नियुक्ति पूरी तरह निर्धारित नियमों, प्रशिक्षण, सत्यापन और अन्य शर्तों के अधीन रहेगी।
राजस्व प्रशासन में बढ़ेगा नायब तहसीलदारों का दायित्व
नए नायब तहसीलदारों की तैनाती से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में राजस्व प्रशासन को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। नायब तहसीलदार राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं और उन्हें तहसील स्तर पर विभिन्न प्रशासनिक एवं राजस्व संबंधी दायित्वों का निर्वहन करना होता है।
राजस्व परिषद की ओर से जारी इस आदेश के बाद अब चयनित अभ्यर्थियों के लिए अगला चरण निर्धारित प्रशिक्षण, दस्तावेजों के सत्यापन और संबंधित जनपदों में समय-सीमा के भीतर कार्यभार ग्रहण करने का होगा।