जितेन्द्र मिश्रा (रिटायर्ड एयर मार्शल)
अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण नियुक्ति सामने आई है। राम मंदिर ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सैन्य क्षेत्र में लंबा और महत्वपूर्ण अनुभव रखने वाले एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को मंदिर से जुड़ी प्रशासनिक एवं प्रबंधन व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वह वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) के पद पर भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशन्स) के डिप्टी चीफ के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न कमांड की संभाली कमान
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का नाम हाल के सैन्य अभियानों के संदर्भ में भी सामने आया है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न कमांड की जिम्मेदारी संभाली थी। वायुसेना के संचालन और रणनीतिक प्रबंधन से जुड़े उनके लंबे अनुभव को देखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट में उनकी नई जिम्मेदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने ऑपरेशनल प्लानिंग, कमांड, प्रशिक्षण और संगठन से जुड़े क्षेत्रों में काम किया। इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में वह डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइजेशन एवं ट्रेनिंग के डिप्टी चीफ की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।
कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा?
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी हैं। उनका सैन्य करियर करीब चार दशक तक फैला रहा। उन्होंने देश की वायु सुरक्षा और सैन्य अभियानों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया।
मिश्रा ने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), खड़कवासला और एयर फोर्स एकेडमी, डुंडीगल से प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके अलावा वह एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, मोंटगोमरी, अलबामा और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज के भी पूर्व छात्र रहे हैं।
1986 में फाइटर स्ट्रीम में हुए थे कमीशन
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को 6 दिसंबर 1986 को एयर फोर्स एकेडमी से भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। इसके बाद उन्होंने अपने लंबे सैन्य करियर में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं।
करीब 38 साल से अधिक लंबे करियर के दौरान उन्होंने व्यापक उड़ान अनुभव हासिल किया। उनके पास 3,000 घंटे से अधिक का फ्लाइट एक्सपीरियंस है। इस दौरान उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के फाइटर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाए हैं।
प्रशासनिक और प्रबंधन अनुभव भी अहम
जितेंद्र मिश्रा के सैन्य अनुभव में केवल विमान संचालन ही नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर कमांड, प्रशासन, संगठन, प्रशिक्षण और रणनीतिक प्रबंधन का अनुभव भी शामिल रहा है। वेस्टर्न एयर कमांड जैसे महत्वपूर्ण कमांड की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में उनकी भूमिकाओं ने उन्हें बड़े संस्थानों के संचालन और समन्वय का व्यापक अनुभव दिया।
राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की भूमिका में प्रशासनिक समन्वय, विभिन्न व्यवस्थाओं की निगरानी और संस्थागत प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में सैन्य सेवा के दौरान प्राप्त उनका संगठनात्मक एवं नेतृत्व अनुभव इस नई भूमिका में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राम मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण नियुक्ति
अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के बाद मंदिर परिसर और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं का विस्तार लगातार बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन, प्रशासनिक समन्वय और विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन के बीच ट्रस्ट के स्तर पर अनुभवी नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को CEO की जिम्मेदारी दिए जाने से राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में उनके लंबे नेतृत्व एवं प्रबंधन अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब अयोध्या में राम मंदिर से जुड़ी गतिविधियां लगातार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में बनी हुई हैं।