बीएड नवीन छात्र छात्राओं के साथ वरिष्ठ छात्रों ने साझा किए अनुभव
शिक्षक बनने से पहले संवेदनशील इंसान बनना जरूरी : प्रो. अनिल राठी
मेरठ । मेरठ कॉलेज के शिक्षा विभाग में बी.एड. प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं मार्गदर्शन के लिए अभिविन्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नए विद्यार्थियों को बी.एड. पाठ्यक्रम, महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, प्रशिक्षण प्रक्रिया, अनुशासन तथा विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना के साथ हुई।
शिक्षक की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं : प्रो. अनिल राठी
कार्यक्रम में मुख्य प्रॉक्टर प्रो. अनिल राठी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होती, बल्कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि एक अच्छा शिक्षक बनने के लिए विषय ज्ञान के साथ-साथ संवेदनशीलता, अनुशासन, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच का होना भी आवश्यक है। प्रो. राठी ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने विद्यार्थी जीवन में नियमितता और अनुशासन को विशेष महत्व दें। उन्होंने कहा कि शिक्षक बनने से पहले एक संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान बनना जरूरी है। विद्यार्थियों को अपने व्यवहार और कार्यों के माध्यम से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।

नवप्रवेशित विद्यार्थियों का किया स्वागत
कार्यक्रम की समन्वयक प्रो. पूनम सिंह ने बी.एड. प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बी.एड. का प्रशिक्षण विद्यार्थियों के जीवन में एक महत्वपूर्ण चरण है, जो उनके भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी महाविद्यालय में केवल पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए नहीं आए हैं, बल्कि उन्हें यहां एक बेहतर शिक्षक बनने की तैयारी करनी है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण के प्रत्येक चरण में सक्रिय भागीदारी करने तथा पूरे उत्साह और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
वरिष्ठ विद्यार्थियों ने साझा किए प्रशिक्षण के अनुभव
कार्यक्रम के दौरान बी.एड. द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने प्रथम वर्ष के नवागंतुक विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। वरिष्ठ विद्यार्थियों ने उन्हें शिक्षण-अभ्यास, पाठ्यक्रम की आवश्यकताओं, कक्षा शिक्षण, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा महाविद्यालयीन जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। वरिष्ठ विद्यार्थियों ने अपने प्रशिक्षण के दौरान सामने आई चुनौतियों और उनसे मिले अनुभवों के बारे में भी बताया। उनके अनुभवों और सुझावों से नवप्रवेशित विद्यार्थियों को बी.एड. प्रशिक्षण की प्रक्रिया को समझने में मदद मिली और उनमें नए शैक्षणिक सत्र को लेकर उत्साह भी दिखाई दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
अभिविन्यास कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की ओर से गीत, कविता और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी प्रस्तुत की गईं। इन प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता की झलक देखने को मिली। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों ने खूब सराहा तथा प्रस्तुतियों के दौरान तालियों से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।
गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और नैतिक मूल्यों पर जोर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षक प्रशिक्षण के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि एक शिक्षक का व्यक्तित्व उसके विद्यार्थियों पर गहरा प्रभाव डालता है, इसलिए भावी शिक्षकों को अपने ज्ञान के साथ व्यवहार, सोच और व्यक्तित्व के विकास पर भी ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम में डीन प्रो. सीमा पंवार, IQAC समन्वयक प्रो. अर्चना सिंह, शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. रेखा राणा सहित शिक्षा विभाग के शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर नवप्रवेशित विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं और निरंतर सीखने, आत्म-विकास तथा जिम्मेदार शिक्षक बनने के लिए प्रेरित किया गया।