छात्र छात्राओं को बाल लैंगिक अपराधों से सुरक्षा एवं कानूनी अधिकार की जानकारी देते न्यायिक अधिकारी
न्यायिक अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को बाल लैंगिक अपराधों से सुरक्षा, कानूनी अधिकार और कानून के प्रावधानों की दी जानकारी
मेरठ । जिला न्यायाधीश मेरठ श्री अरविन्द कुमार मिश्रा द्वितीय के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेरठ द्वारा बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के क्रम में गांधी जयंती के अवसर पर जनपद के विभिन्न विद्यालयों में पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रावधानों और उसके कानूनी परिणामों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को दी गई कानूनी जानकारी
अभियान के प्रथम चरण के तहत 29 सितंबर 2026 को विभिन्न विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को बच्चों के प्रति होने वाले लैंगिक अपराधों से सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकारों और ऐसे अपराधों से जुड़े कानूनी परिणामों के बारे में सरल तरीके से समझाया गया। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की अप्रिय या संदिग्ध घटना होने पर उसे छिपाने के बजाय तत्काल अपने अभिभावकों, विद्यालय प्रशासन या संबंधित सक्षम प्राधिकारी को इसकी सूचना देनी चाहिए। बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
छह विद्यालयों में आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम
अभियान के तहत विभिन्न न्यायिक अधिकारियों ने जनपद के अलग-अलग विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को कानूनी जानकारी दी। अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) न्यायालय संख्या-10, मेरठ श्री कृपा शंकर ने सेंट जोजफ इंटर कॉलेज, बेगमपुल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसी क्रम में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या-08, मेरठ श्री अंकुर चित्रांशी ने बीएवी इंटर कॉलेज, सुभाष बाजार में छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम और उनके विधिक अधिकारों के संबंध में जानकारी प्रदान की। अपर जिला न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) न्यायालय संख्या-02, मेरठ श्रीमती रीमा मल्होत्रा ने डीएन इंटर कॉलेज, रेलवे रोड, घंटाघर चौराहा में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों और उससे संबंधित कानूनी परिणामों के प्रति जागरूक किया।
वहीं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या-10, मेरठ श्रीमती अन्जुम सैफी ने राजकीय इंटर कॉलेज, मेरठ में कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को बच्चों के संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या-04, मेरठ श्री अनुज कुमार ठाकुर ने सनातन धर्म इंटर कॉलेज, सदर में विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों और कानूनी परिणामों के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) न्यायालय संख्या-07, मेरठ श्रीमती अनुकृति संत ने गार्गी गर्ल्स स्कूल, गंगानगर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यहां विद्यार्थियों को बच्चों के संरक्षण से संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई।
बच्चों की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी
जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। बच्चों के विरुद्ध किसी भी प्रकार के लैंगिक अपराध की जानकारी होने पर उसे छिपाने के बजाय संबंधित अधिकारी अथवा सक्षम प्राधिकारी को सूचना देना आवश्यक है। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक एवं सजग रहें और अपने साथ-साथ अन्य बच्चों की सुरक्षा में भी सहयोग करें। कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें ऐसी परिस्थितियों में उचित कदम उठाने के लिए जागरूक करना रहा।
25 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेरठ के अनुसार यह विशेष जागरूकता अभियान 25 सितंबर 2026 से 1 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान जनपद के विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम सहित उनके विधिक अधिकारों और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों के प्रति जागरूक किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ उन्हें सुरक्षित वातावरण, अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।