आईआईएमटी विश्वविद्यालय में अशोक सिंघल जन्मशताब्दी वर्ष पर कार्यक्रम आयोजित
विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम में वक्ताओं ने संगठन, संस्कृति और सामाजिक समरसता पर रखे विचार; ब्रजघाट से आए विद्यार्थियों ने मलखंभ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं
मेरठ #ANN। गंगानगर स्थित आईआईएमटी विश्वविद्यालय में विश्व हिंदू परिषद की ओर से श्रद्धेय अशोक सिंघल के जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सुरेंद्र जैन, जय प्रकाश, स्वामी विवेकानंद सरस्वती, मुकेश खांडेकर, सुशील जैन, कृष्णानंद महाराज, राजकुमार डूंगर और अमित जिंदल ने दीप प्रज्वलित कर किया।
मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने अशोक सिंघल के जीवन और उनके सामाजिक तथा राष्ट्रसेवा से जुड़े कार्यों को याद किया। उन्होंने लोगों से अपनी सांस्कृतिक पहचान और वैदिक परंपराओं से जुड़े रहने तथा हिंदू संगठनों में भागीदारी बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित और मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। अपने संबोधन में उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण और “गर्व से कहो, हम हिंदू हैं” के संदेश का भी उल्लेख किया।
डॉ. जैन ने मेरठ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर बात करते हुए कहा कि शहर के इतिहास को केवल 1857 की क्रांति तक सीमित नहीं किया जा सकता। उन्होंने महाभारतकालीन परंपराओं से भी मेरठ के संबंध का उल्लेख किया। अपने भाषण में उन्होंने मुस्लिम धार्मिक संगठनों, देवबंद और इस्लाम को लेकर कई तीखी और विवादास्पद टिप्पणियां भी कीं। ये वक्ता के विचार और आरोप थे; विज्ञप्ति में इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण नहीं दिया गया है।

क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश खांडेकर ने कहा कि व्यक्ति को अपने जीवन के उद्देश्य और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए। उन्होंने अशोक सिंघल के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन के साथ-साथ सामाजिक समरसता, छुआछूत के विरोध, धर्मसेवा और राष्ट्रनिष्ठा के लिए काम किया। उन्होंने गौ, गंगा, गायत्री, प्रकृति, संस्कृति और सभ्यता की रक्षा के लिए भेदभाव भुलाकर साथ आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस वर्ष को अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी के साथ-साथ स्वामी लक्ष्मणानंद के जन्मशताब्दी वर्ष, स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान दिवस की शताब्दी और संत रविदास की 650वीं जयंती के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण बताया। वक्ताओं ने छुआछूत और जातिगत भेदभाव को समाप्त करने तथा समाज में एकता और सद्भाव बढ़ाने का संकल्प लेने की बात कही।
ब्रजघाट से आए नेहनीड के विद्यार्थियों ने मलखंभ का प्रदर्शन किया। छात्राओं ने भगवान श्रीराम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों को दर्शकों ने सराहा।
कार्यक्रम में प्रांत संगठन मंत्री अरुण पाञ्चजन्य, प्रांत संयोजक निमेष वशिष्ठ, राजीव गर्ग, राहुल, अवनीत बंसल, नवीन अग्रवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। विज्ञप्ति मधुवन आर्य, प्रांत सह प्रचार-प्रसार प्रमुख, मेरठ प्रांत की ओर से जारी की गई।