अल्पसंख्यक समुदाय के मुद्दों पर हुई सार्थक चर्चा, एआईसीसी मुख्यालय में आयोजित हुआ ‘संवाद विद माइनॉरिटीज’ कार्यक्रम
नई दिल्ली । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के इंदिरा भवन स्थित मुख्यालय में शुक्रवार को कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के तत्वावधान में ‘संवाद विद माइनॉरिटीज’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस नेता एवं राज्यसभा सांसद श्री इमरान प्रतापगढ़ी तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी ने की। कार्यक्रम में देशभर से आए अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कांग्रेस पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों, चुनौतियों और अपेक्षाओं पर खुलकर चर्चा करना तथा उनके समाधान के लिए सुझाव प्राप्त करना था। बैठक के दौरान शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय, राजनीतिक भागीदारी, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के विकास जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। अल्पसंख्यक समुदाय की समस्याओं और आकांक्षाओं को समझने तथा उन्हें नीति निर्माण की प्रक्रिया में शामिल करने के उद्देश्य से इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने अपने विचार साझा करते हुए समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सामने रखा। वहीं, कांग्रेस नेतृत्व ने सभी सुझावों और चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें संगठन एवं नीति स्तर पर आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम का संचालन कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की राष्ट्रीय समन्वयक एवं पंजाब प्रभारी मीनाक्षी सिंह ने किया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए विभिन्न वक्ताओं और प्रतिभागियों के बीच संवाद को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया।
मीनाक्षी सिंह ने कहा कि उनके लिए यह अत्यंत गर्व और सम्मान की बात है कि उन्हें इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मंच संचालन की जिम्मेदारी निभाने और वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में प्रतिभागियों को संबोधित करने का अवसर मिला। उन्होंने इस जिम्मेदारी के लिए कांग्रेस नेतृत्व द्वारा जताए गए विश्वास और प्रोत्साहन के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इसे सकारात्मक, सार्थक और उपयोगी संवाद बताया। उपस्थित लोगों का मानना था कि इस प्रकार के कार्यक्रम विभिन्न समुदायों और नेतृत्व के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने तथा जमीनी स्तर की समस्याओं को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।