पुलिस गिरफ्त में साइबर ठगी का अपराधी
मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर जेल भेजने की धमकी देकर की गई थी करोड़ों रुपये की ठगी
मेरठ । मेरठ साइबर क्राइम थाना पुलिस ने करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर जेल भेजने का भय दिखाकर पीड़ित से 1 करोड़ 41 लाख 16 हजार रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान आरोपी की पहचान कर उसे झांसी से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, 5 अप्रैल 2026 को नंद विहार कॉलोनी, रोहटा रोड, थाना कंकरखेड़ा निवासी राधाकृष्ण पुत्र घासीराम ने थाना साइबर क्राइम मेरठ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात साइबर ठगों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक कथित मामले में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देकर भयभीत किया। आरोपियों ने विभिन्न तिथियों में अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 41 लाख 16 हजार रुपये जमा करा लिए।
पीड़ित की तहरीर के आधार पर थाना साइबर क्राइम मेरठ में मुकदमा संख्या 30/2026, धारा 318(4) बीएनएस एवं धारा 66डी आईटी एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया आरोपी का नाम
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देश तथा पुलिस अधीक्षक अपराध के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेन-देन की जांच की। विवेचना के दौरान मामले में झांसी निवासी शब्बीर कुरैशी का नाम प्रकाश में आया।
पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए शब्बीर कुरैशी पुत्र नसरूद्दीन कुरैशी निवासी तालपुरा रोड, ओरछा गेट, थाना कोतवाली नगर, जनपद झांसी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
साइबर अपराधियों के नए तरीके से सावधान रहने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा फोन, वीडियो कॉल या ऑनलाइन माध्यम से सरकारी एजेंसी, पुलिस, सीबीआई, ईडी अथवा अन्य जांच एजेंसियों का नाम लेकर डराया-धमकाया जाए तो तत्काल उसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाने को दें। किसी भी दबाव या भय में आकर बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर न करें।
गिरफ्तार करने वाली टीम
इस कार्रवाई में थाना साइबर क्राइम मेरठ की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक योगेन्द्र कुमार, मुख्य आरक्षी संतोष कुमार तथा आरक्षी हरिनारायण शर्मा शामिल रहे।
मेरठ साइबर क्राइम पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य संदिग्धों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।