परिवार संग आया अधिकारियों को अपनी समस्या बताता पीड़ित
मेरठ। थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र के तारापुरी निवासी एक बीमार व्यक्ति ने अपने बड़े भाई और भतीजों पर पुश्तैनी मकान पर कब्जा करने, मारपीट करने तथा परिवार सहित जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।
तारापुरी की ढलाई वाली गली निवासी अकरम पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद अशरफ ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह लंबे समय से गंभीर बीमारी से ग्रस्त है और गुर्दे का मरीज होने के कारण किसी प्रकार का कार्य करने में असमर्थ है। उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के साथ पुश्तैनी मकान में रहता है, जहां उसके भाई अकील, करीमुद्दीन और टीपू सुल्तान भी निवास करते हैं।
पीड़ित का आरोप है कि उसका बड़ा भाई अकील तथा उसके पुत्र अदनान, शमी और अरसलान उसकी बीमारी और आर्थिक कमजोरी का फायदा उठाकर उसके हिस्से की संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं। आरोप है कि विपक्षीगण लगातार उसे और उसके परिवार को घर से निकालने तथा संपत्ति हड़पने की धमकियां दे रहे हैं।
अकरम के अनुसार आरोपियों ने कहा कि उसकी बीमारी के कारण उसकी मृत्यु हो जाएगी और उसके बाद उसकी पत्नी और बच्चों को घर से बाहर निकाल दिया जाएगा। इतना ही नहीं, विरोध करने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की भी धमकी दी गई है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी यह कहकर दबाव बना रहे हैं कि उनकी पहुंच ऊंचे स्तर तक है और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
मारपीट में घायल हुआ भाई
शिकायत पत्र में अकरम ने बताया कि 20 फरवरी 2026 की शाम करीब साढ़े छह बजे अकील, अदनान, शमी और अरसलान कथित रूप से लाठी-डंडे और लोहे की रॉड लेकर घर पहुंचे और उस पर तथा उसके भाई टीपू सुल्तान पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमले के दौरान टीपू सुल्तान के सिर पर गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।
पीड़ित के अनुसार जब उसने और उसकी पत्नी ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद घायल अवस्था में टीपू सुल्तान को लेकर थाना लिसाड़ी गेट पहुंचे, जहां पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराने के लिए अस्पताल भेज दिया। हालांकि पीड़ित का आरोप है कि मेडिकल कराने के बावजूद पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
घर में घुसने से रोकने का आरोप
अकरम ने जिलाधिकारी को बताया कि घटना के बाद आरोपी पक्ष ने उसे, उसके दोनों भाइयों और उनके परिवारों को मकान से बाहर कर दिया है। आरोप है कि वर्तमान में उन्हें अपने ही घर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है और घर में आने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
पीड़ित ने कहा कि वह, उसके भाई, उनकी पत्नियां और बच्चे लगातार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि संपत्ति के लालच में आरोपी कभी भी किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
डीएम से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग
अकरम ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उसे और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि उन्हें उनके पुश्तैनी मकान में रहने का अधिकार दिलाया जाए और आरोपियों द्वारा किए जा रहे कथित उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए।
फिलहाल मामला प्रशासन के संज्ञान में पहुंच गया है और पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए हुए है। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर शिकायत की जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है।