जिलाधिकारी से की कार्रवाई की मांग
मेरठ। तहसील मवाना के ग्राम भगवानपुर के किसानों ने गांव में तैनात लेखपाल पर उत्पीड़न, अवैध वसूली और चकबंदी प्रक्रिया को जबरन लागू कराने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपा है। किसानों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लेखपाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा गांव में किसी अन्य लेखपाल की नियुक्ति करने की मांग की है।
ग्राम भगवानपुर के किसानों द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि गांव में तैनात लेखपाल धीरज कुमार किसानों को विभिन्न प्रकार से परेशान कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि गांव में चकबंदी प्रक्रिया को जबरन लागू कराने का प्रयास किया जा रहा है और इसके लिए किसानों पर दबाव बनाया जा रहा है।
शिकायत में कहा गया है कि जब भी कोई किसान चकबंदी विभाग में किसी कार्य से जाता है तो उससे चकबंदी प्रक्रिया के समर्थन में हस्ताक्षर कर सहमति देने की शर्त रखी जाती है। किसानों का आरोप है कि यदि कोई व्यक्ति सहमति देने से इंकार करता है तो उसके कार्यों में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न की जाती हैं और काम समय पर नहीं किया जाता।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि राजस्व अभिलेखों से संबंधित फर्द अथवा अन्य दस्तावेज प्राप्त करने के लिए निर्धारित सरकारी शुल्क से अधिक धनराशि वसूली जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे किसानों को आर्थिक और मानसिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायत पत्र में किसानों ने यह भी उल्लेख किया है कि लेखपाल स्वयं को फौज से सेवानिवृत्त बताकर किसानों पर दबाव बनाते हैं और विरोध करने वालों को विभिन्न प्रकार के मुकदमों में फंसाने की धमकी देते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस प्रकार के व्यवहार के कारण गांव के किसान भय और असुरक्षा के माहौल में हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व संबंधी कार्यों के लिए उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें दबाव और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे गांव के किसानों में भारी रोष व्याप्त है।
जिलाधिकारी से जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लेखपाल के खिलाफ कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही गांव में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए किसी अन्य अधिकारी की नियुक्ति की जाए, ताकि राजस्व संबंधी कार्य पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से हो सकें।
इस शिकायत पर हस्ताक्षर करने वालों में विजय कुमार, अतुल कुमार, महेश, महावीर, कुशाल, रणवीर, नरेश, अनुराग, शुभम सहित ग्राम भगवानपुर के अनेक ग्रामीण एवं किसान शामिल हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे भी अपनी आवाज उठाने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल शिकायत प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुकी है और किसानों को जांच के बाद उचित कार्रवाई की उम्मीद है।