परख अकादमी का फोटोग्राफी सेमिनार आयोजित
लखनऊ। परख अकादमी ऑफ फोटोग्राफी द्वारा आयोजित एक विशेष फोटोग्राफी सेमिनार में देश के प्रसिद्ध फोटोग्राफर, शिक्षाविद् एवं मेंटर डॉ. भूपेश चंद्र लिटिल ने युवा फोटोग्राफरों और विद्यार्थियों को सफल फोटोग्राफी के मूल मंत्र बताए। उन्होंने कहा कि एक उत्कृष्ट फोटोग्राफर बनने के लिए केवल महंगा कैमरा होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी दृष्टि बाज़ (ईगल) की तरह पैनी, सजग और दूरदर्शी होनी चाहिए।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में डॉ. लिटिल ने कहा, “One should have an eye for photography like an eagle”, अर्थात एक फोटोग्राफर की नजर इतनी तीक्ष्ण होनी चाहिए कि वह हर दृश्य में छिपी संभावनाओं, भावनाओं और कहानी को पहचान सके। उन्होंने कहा कि कैमरा केवल एक माध्यम है, जबकि वास्तविक तस्वीर फोटोग्राफर की सोच, कल्पनाशीलता और दृष्टिकोण से बनती है।
उन्होंने कहा कि बेहतरीन फोटोग्राफी तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ धैर्य, अवलोकन क्षमता और सही समय पर सही क्षण को कैद करने की कला का परिणाम होती है। एक कुशल फोटोग्राफर वही है जो सामान्य दिखने वाले दृश्य में भी असाधारण कहानी और भावनाओं को खोजकर उसे अपनी तस्वीरों के माध्यम से जीवंत कर दे।
सेमिनार के दौरान प्रतिभागियों को फोटोग्राफी के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों जैसे कम्पोज़िशन, लाइटिंग, विजुअल स्टोरीटेलिंग, फ्रेमिंग, कैमरा तकनीक, एंगल चयन तथा प्रोफेशनल फोटोग्राफी के व्यावहारिक पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने उदाहरणों और लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से बताया कि किस प्रकार प्रकाश, फ्रेम और समय का सही उपयोग किसी साधारण तस्वीर को भी उत्कृष्ट बना सकता है।
कार्यक्रम में लगभग 35 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों और युवा फोटोग्राफरों ने अपने अनुभव साझा किए तथा विशेषज्ञों से फोटोग्राफी से जुड़े विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक प्रश्न पूछे, जिनका विस्तार से समाधान किया गया।
इस अवसर पर मीडिया काउंसिल ऑफ इंडिया के सचिव श्रीश सिंह, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी अखिल त्रिपाठी, पत्रकार मयंक दीक्षित, प्रो. तुलिका साहू (निफ्ट), सुदन चंदोला, अविनाश चंद्र लिटिल, योगेश आदित्य सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं परख अकादमी ऑफ फोटोग्राफी के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर अकादमी के संस्थापक धीरज भूषण ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने डॉ. भूपेश चंद्र लिटिल के साथ समूह छायाचित्र खिंचवाया और उनके प्रेरणादायी, ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।
यह सेमिनार न केवल तकनीकी प्रशिक्षण का माध्यम बना, बल्कि युवा फोटोग्राफरों के लिए अपनी रचनात्मक दृष्टि विकसित करने और फोटोग्राफी को नए नजरिए से देखने की प्रेरणा भी प्रदान कर गया।